सत्तारूढ़ टीवीके के समर्थन से कांग्रेस उम्मीदवार प्रवीण चक्रवर्ती का तमिलनाडु से राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित होना लगभग तय है। चेन्नई के केशवपेरुमालपुरम निवासी 53 वर्षीय प्रवीण चक्रवर्ती कांग्रेस के डेटा एनालिटिक्स एवं प्रोफेशनल्स विंग के अध्यक्ष हैं। उन्हें उस एकमात्र राज्यसभा सीट के लिए उम्मीदवार बनाया गया है, जो एआईएडीएमके नेता सी. वी. शण्मुगम के इस्तीफे के बाद रिक्त हुई थी। शण्मुगम हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव में मयिलम सीट से विधायक चुने गए हैं।
निर्विरोध चुना जाना तय
राज्यसभा चुनाव के लिए 8 जून को नामांकन की अंतिम तारीख थी और प्रवीण चक्रवर्ती के अलावा कुछ निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी नामांकन दाखिल किया है। नामांकन पत्रों की जांच 9 जून को होगी, जबकि नाम वापस लेने की अंतिम तिथि 11 जून है। जरूरत पड़ने पर 18 जून को मतदान कराया जाएगा। सचिवालय के एक अधिकारी के अनुसार, केवल प्रवीण चक्रवर्ती के नामांकन को सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) का समर्थन प्राप्त है, जबकि निर्दलीय उम्मीदवारों के पीछे किसी राजनीतिक दल का समर्थन नहीं है।
द्रविड़ राजनीति की प्रमुख पार्टियों एआईएडीएमके और डीएमके ने चुनावी मैदान में उम्मीदवार नहीं उतारा है, जिससे मुकाबले की संभावना लगभग समाप्त हो गई है। निर्दलीय उम्मीदवारों के नामांकन खारिज होने की संभावना है, क्योंकि नियमों के अनुसार प्रत्येक नामांकन का प्रस्ताव और समर्थन कम से कम 10 विधायकों द्वारा किया जाना आवश्यक है।
टीवीके ने सहयोगी दल कांग्रेस को दिया समर्थन
4 जून को नामांकन दाखिल करने वाले प्रवीण चक्रवर्ती के प्रस्तावक टीवीके संस्थापक एवं मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय थे, जबकि पार्टी के अन्य नेताओं ने उनके नामांकन का समर्थन किया। हालांकि विजय अपनी पार्टी के किसी सदस्य को राज्यसभा भेज सकते थे, लेकिन उन्होंने यह सीट सहयोगी दल कांग्रेस को देने का फैसला किया। कांग्रेस के दो विधायक—एस. राजेश कुमार और पी. विश्वनाथन—पहले ही टीवीके सरकार में क्रमशः पर्यटन और उच्च शिक्षा मंत्री के रूप में शामिल किए जा चुके हैं।
प्रवीण चक्रवर्ती कांग्रेस के दूसरे ऐसे नेता होंगे जो निर्विरोध राज्यसभा पहुंचेंगे। इससे पहले तिरुचिरापल्ली के एम. क्रिस्टोफर तिलक डीएमके के समर्थन से निर्विरोध राज्यसभा सदस्य चुने गए थे। विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस ने डीएमके से गठबंधन तोड़कर टीवीके सरकार का साथ दिया था।