तमिलनाडु में लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा और क्षेत्रीय पार्टी पीएमके के बीच गठबंधन तय हो गया है। पीएमके सोमवार को लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा के साथ गठबंधन किए जाने की घोषणा की। पीएमके महासचिव वदिवेल रावनन ने कहा कि पीएमके ने भाजपा के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ने का फैसला किया है। पीएमके प्रमुख रामदास बुधवार को उम्मीदवारों के नामों की घोषणा करेंगे। बता दें, भाजपा इस बार तमिलनाडु में विशेष ध्यान दे रही है। पीएम मोदी लोकसभा चुनाव की घोषणा से पहले पांच बार तमिलनाडु का दौरे कर चुके हैं। राज्य में पहले चरण में 19 अप्रैल को सभी 39 लोकसभा सीटों पर मतदान होगा।
दो से तीन दिनों में जारी होगी एमवीए उम्मीदवारों की सूची
इधर, महाराष्ट्र कांग्रेस प्रमुख नाना पटोले ने सोमवार को कहा कि लोकसभा चुनाव के लिए महा विकास अघाड़ी (एमवीए) के उम्मीदवारों की सूची अगले दो से तीन दिनों में आ जाएगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने सांगली सीट से विशाल पाटिल को मैदान में उतारने का फैसला किया है। राहुल गांधी के बयान की आलोचना पर पटोले ने कहा कि राहुल गांधी ने रविवार को इंडिया गठबंधन की रैली में महिलाओं और युवाओं से संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दों पर बात की, लेकिन भाजपा इन मुद्दों से लोगों का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है।
पीएम मोदी के 'विकसित भारत' संदेश के खिलाफ विपक्ष ने की कार्रवाई की मांग
'विकसित भारत' के निर्माण में समर्थन मांगने के लिए व्हाट्सएप पर लोगों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पत्र मिलने का मुद्दा उठाते हुए, विपक्षी नेताओं ने सोमवार को चुनाव आयोग से कहा कि यह आदर्श आचार संहिता का घोर उल्लंघन है। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने विदेश में रहने वाले व्यक्तियों को प्रधानमंत्री का पत्र मिलने पर गोपनीयता का मुद्दा उठाने वाले एक व्यक्ति की पोस्ट को टैग किया।
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने सोशल मीडिय पर पोस्ट किया, क्या ईसीआई सत्तारूढ़ दल के पक्षपातपूर्ण राजनीतिक हितों की पूर्ति के लिए सरकारी मशीनरी और सरकारी डाटा के इस तरह के जबरदस्त दुरुपयोग पर ध्यान देगा? एक अन्य कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने भी सोशल मीडिया पोस्ट पर वह व्हाट्सएप संदेश पोस्ट किया, जिसमें वह पत्र संलग्न था, जो उन्हें फोन पर प्राप्त हुआ था। तृणमूल सांसद संकेत गोखले ने भी आरोप लगाया कि सिर्फ भारत में ही नहीं, जो कभी भारत आए, उनके नंबरों पर भी यह संदेश प्रेषित किया जा रहा है। उन्होंने कहा, व्हाट्सएप ने दावा किया है कि ये नंबर आईटी मंत्रालय के पास हैं।