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Congress: 'रूस से तेल खरीदने की अनुमति वाला अमेरिकी बयान भारत का अपमान'; कांग्रेस ने सरकार से पूछे तीखे सवाल

Wed, 11 Mar 2026 11:20 AM IST
Asmita Tripathi न्यूज डेस्क, अमर उजाला

सार

व्हाइट हाउस की ओर से भारत को रूसी तेल खरीदने की अनमति वाले बयान पर कांग्रेस ने केंद्र सरकार को घेरा। इस बयान को पार्टी ने देश का अपमान बताया है। 
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राहुल गांधी - फोटो : instagram/Rahul Gandhi
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विस्तार
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कांग्रेस ने बुधवार को केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। इसके साथ ही व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट के इस बयान के बाद उनकी चुप्पी पर सवाल उठाया कि अमेरिका ने भारत को अस्थायी रूप से रूसी तेल खरीदने की अनुमति दी थी। लीविट ने यह भी कहा कि यह निर्णय इसलिए लिया गया है क्योंकि भारत एक अच्छा पक्षधर रहा है। उसने पहले प्रतिबंधित रूसी तेल खरीदना बंद कर दिया था। कांग्रेस ने व्हाइट हाउस के प्रवक्ता द्वारा इस्तेमाल किए गए अनुमति प्राप्त और अच्छा अभिनेता शब्दों पर ध्यान केंद्रित किया। इसके साथ ही केंद्र को इस बात पर घेर लिया कि यह हमारी संप्रभुता और गरिमा का घोर अपमान है।

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सरकार अपमान पर आपत्ति क्यों नहीं जता रही
कांग्रेस ने एक पोस्ट में कहा "व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट का कहना है कि संयुक्त राज्य अमेरिका ने भारत को रूसी तेल स्वीकार करने की अनुमति दी है। भारतीयों को अच्छे अभिनेता बताया है। इसे फिर से पढ़ें, अनुमति दी, अच्छे अभिनेता। पार्टी ने आगे कहा, "भारत सरकार हमारी संप्रभुता और गरिमा के इस घोर अपमान पर आपत्ति क्यों नहीं जता रही है? भारत के सम्मान की रक्षा करने के बजाय, प्रधानमंत्री मोदी जानबूझकर चुप रहना पसंद कर रहे हैं।" कांग्रेस ने इस मामले पर भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार की चुप्पी का आरोप लगाते हुए उससे जवाब मांगा। उन्होंने कहा, "इसलिए देश को यह पूछना चाहिए: वह किस बात से डर रहे हैं? भारत के फैसले बाहर से क्यों निर्देशित किए जा रहे हैं? नरेंद्र मोदी को अमेरिका ब्लैकमेल क्यों कर रहा है? भारत की जनता जवाब पाने की हकदार है। क्योंकि भारत की संप्रभुता पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता।"
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भारत एक अच्छा पक्षकार रहा है- व्हाइट हाउस
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने मंगलवार को एक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान कहा कि पश्चिम एशिया में संघर्ष के बीच वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में व्यवधान के मद्देनजर संयुक्त राज्य अमेरिका ने भारत को अस्थायी रूप से रूसी तेल खरीदने की अनुमति दी थी। जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्होंने पश्चिम एशिया में बिगड़ती सुरक्षा स्थिति के मद्देनजर भारत को तेल प्रतिबंधों में छूट देने के बारे में अमेरिकी राष्ट्रपति से बात की है, तो लेविट ने जवाब दिया कि यह निर्णय इसलिए लिया गया है क्योंकि भारत एक अच्छा पक्षकार रहा है, और हालांकि यह उपाय अल्पकालिक है, इससे रूस को कोई महत्वपूर्ण वित्तीय लाभ नहीं मिलेगा।
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लीविट ने कहा "मैंने इस बारे में राष्ट्रपति से बात की है और वित्त मंत्री और पूरी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम इस फैसले पर इसलिए पहुंची है क्योंकि भारत जैसे हमारे सहयोगी देशों ने अच्छा रवैया दिखाया है और पहले प्रतिबंधित रूसी तेल खरीदना बंद कर दिया था। इसलिए, ईरानियों की वजह से दुनिया भर में तेल आपूर्ति में आई इस अस्थायी कमी को दूर करने के लिए, हमने उन्हें अस्थायी रूप से रूसी तेल स्वीकार करने की अनुमति दी है।"
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