कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी पांच राज्यों में पार्टी के प्रदर्शन से आहत हैं। संसदीय दल की बैठक में उन्होंने इस बात के संकेत भी दिए थे। दरअसल कांग्रेस नेतृत्व केरल और असम में जीत को लेकर आस लगाए था।
पांच राज्यों के चुनाव में बुरी हार के बाद पार्टी में तकरार और रार न बढ़े इससे निपटने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष ने 10 मई को कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक बुलाई है। बैठक में हार पर मंथन के साथ जिम्मेदार पदाधिकारियों की भूमिका की समीक्षा भी होगी।
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कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी पांच राज्यों में पार्टी के प्रदर्शन से आहत हैं। संसदीय दल की बैठक में उन्होंने इस बात के संकेत भी दिए थे। दरअसल कांग्रेस नेतृत्व केरल और असम में जीत को लेकर आस लगाए था। यही कारण था कि राहुल गांधी केरल और महासचिव प्रियंका गांधी असम पर फोकस किए थे।
जबकि नतीजे बिल्कुल विपरीत आए हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेता अब कहने लगे हैं कि हम इन दोनों राज्यों को अंडर इस्टीमेट करके चले और राज्य की जिम्मेदारी संभाल रहे नेताओं ने भी नेतृत्व को गुमराह किया। असम में कांग्रेस की राजनीतिक रणनीति भी सफल नहीं हुई। बदरूद्दीन अजमल की एआईयूडीएफ के साथ समझौते का फायदा कांग्रेस को नहीं हुआ। इसी प्रकार बंगाल में वामदलों के दबाव में इंडियन सेकुलर फ्रंट के अब्बास सिद्दीकी को गठबंधन में शामिल करने पर अब सवाल उठ रहे हैं। उम्मीद है कि इसे लेकर भी कुछ नेता अपनी बात रखेंगे।
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बैठक में राज्यों के प्रभारियों की भूमिका को लेकर भी कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। एक ओर जहां कुछ प्रभारियों को सभी फैसले लेने की छूट थी। वहीं कुछ प्रभारी पूरे चुनाव में अपनी भूमिका तलाशते रहे। कांग्रेस शासित पुडुचेरी का चला जाना और पश्चिम बंगाल में बुरी हार पर भी बैठक में सवाल उठने तय हैं।