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खरगे को नोटिस पर भड़की कांग्रेस: EC को बताया गृह मंत्रालय का संलग्न कार्यालय; कहा- यह लोकतंत्र पर सीधा प्रहार

Wed, 22 Apr 2026 09:29 PM IST
राकेश कुमार पीटीआई, नई दिल्ली।

सार

पीएम मोदी को आतंकवादी कहे जाने पर चुनाव आयोग ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को नोटिस थमाया है। इस कार्रवाई से नाराज कांग्रेस ने आयोग को निष्पक्ष संस्था के बजाय गृह मंत्रालय का संलग्न कार्यालय बता दिया है। कांग्रेस ने यह भी कहा है कि यह लोकतंत्र पर सीधा प्रहार है। 
 
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मल्लिकार्जुन खरगे, अध्यक्ष, कांग्रेस - फोटो : ANI
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विस्तार
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बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण की दस्तक के साथ ही देश का सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। निर्वाचन आयोग की ओर से कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को जारी किए गए नोटिस ने इस आग में घी डालने का काम किया है। दरअसल, पीएम मोदी के खिलाफ खरगे की आतंकवादी वाली टिप्पणी पर चुनाव आयोग ने संज्ञान लेते हुए उनसे जवाब तलब किया है। चुनाव आयोग की इस त्वरित कार्रवाई पर कांग्रेस भड़क गई है। कांग्रेस ने कहा कि चुनाव आयोग केंद्र सरकार का संलग्न कार्यालय है।
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कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। रमेश ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग अब एक स्वतंत्र संवैधानिक संस्था के बजाय केंद्रीय गृह मंत्रालय के एक संलग्न कार्यालय के रूप में काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह भारतीय संविधान पर एक बड़ा प्रहार है।

जयराम रमेश ने और क्या-क्या कहा? 
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जयराम रमेश ने लिखा, 'यह काफी समय से स्पष्ट है कि चुनाव आयोग प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के इशारों पर नाच रहा है। कई लाख मतों की चोरी को अंजाम देने के बाद, आज उसने गृह मंत्रालय के कार्यालय की तरह काम करने का नया सबूत पेश किया है।' उन्होंने आगे लिखा कि चुनाव आयोग एक संवैधानिक निकाय है, लेकिन इसका मौजूदा आचरण संविधान के साथ विश्वासघात है, जिसकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी मुख्य चुनाव आयुक्त पर है।
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क्या था विवादित बयान?
यह पूरा विवाद मल्लिकार्जुन खरगे के उस बयान से शुरू हुआ जो उन्होंने मंगलवार को चेन्नई में दिया था। खरगे ने प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए उन पर सरकारी तंत्र और केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग के जरिए विपक्षी दलों को डराने-धमकाने का आरोप लगाया था। खरगे ने कहा था, 'ये एआईएडीएमके के लोग अन्नादुरई की फोटो लगाते हैं। वे मोदी के साथ कैसे जा सकते हैं? वह एक आतंकवादी हैं। वह समानता में विश्वास नहीं रखते। उनकी पार्टी न्याय और समानता में यकीन नहीं रखती।'

खरगे की सफाई 
हालांकि, इसके तुरंत बाद कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने सफाई दी। उन्होंने कहा कि उनके कहने का यह मतलब था कि प्रधानमंत्री देश के लोकतांत्रिक ढांचे को आतंकित कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'वह लोगों और राजनीतिक दलों को डरा रहे हैं। मैंने उन्हें शाब्दिक अर्थों में आतंकवादी नहीं कहा। वह विपक्ष को बदनाम करने और दबाने के लिए अपनी शक्ति और सरकारी तंत्र का दुरुपयोग कर रहे हैं।'

चुनाव आयोग की कार्रवाई
भाजपा की शिकायत पर चुनाव आयोग ने खरगे को 24 घंटे के भीतर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है। गौर करने वाली बात यह है कि यह नोटिस तमिलनाडु में मतदान और पश्चिम बंगाल के पहले चरण के चुनाव से ठीक एक दिन पहले जारी किया गया है, जिसे लेकर कांग्रेस ने टाइमिंग पर भी सवाल खड़े किए हैं।
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