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Assam Flood: कांग्रेस का केंद्र पर गंभीर आरोप, कहा- असम में बाढ़ के बीच महाराष्ट्र सरकार को 'अस्थिर' करने में बिजी सरकार

Thu, 23 Jun 2022 06:17 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी

सार

गोगोई ने कहा कि हमें जब केंद्र सरकार से मानवीय मदद की जरूरत है तब उनमें सिर्फ सत्ता की भूख और लालसा दिखाई दी। असम के मुख्यमंत्री कहते हैं कि बाहर से जब लोग आएंगे, होटल में रुकेंगे तो राजस्व बढ़ेगा जिससे हम बाढ़ से प्रभावित लोगों की मदद कर पाएंगे।
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सांसद गौरव गोगोई - फोटो : PTI
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विस्तार
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कांग्रेस ने गुरुवार को भाजपा पर बाढ़ प्रभावित पीड़ित पूर्वोत्तर के लोगों के दर्द से आंखें बंद करने आरोप लगाया और कहा कि पार्टी राहत उपायों पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय महाराष्ट्र में सरकार को अस्थितर करने की कोशिश कर रही है। 
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असम में बाढ़ के बाद स्थिति भयावह बनी हुई है। 54.5 लाख से ज्यादा लोग अब भी प्रभावित हैं और 12 लोगों की मौत की भी खबर है। अधिकारियों के मुताबिक, मई के मध्य से आई बाढ़ में मरने वालों की संख्या अब 101 हो गई है। 

एआईसीसी की मीडिया ब्रीफिंग के दौरान पार्टी के सांसद गौरव गोगोई ने कहा, हम सभी जानते हैं कि अभी असम, मेघालय में  बाढ़ है। अतीत में जब भी बाढ़ या कोई प्राकृतिक आपदा होती थी तो जिम्मेदार केंद्र सरकार एक टीम भेजती थी। मंत्री, प्रधानमंत्री स्वयं जाते थे, अध्ययन करते थे और स्थिति का आकलन करते थे और फिर राहत और तत्काल सहायता प्रदान करते थे। 
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उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सत्ता की लालसा में अंधी हो गई है और पूर्वोत्तर के लोग बाढ़ से पीड़ित हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या तो गुजरात चुनाव के प्रचार में व्यस्त हैं या महाराष्ट्र में सरकार को अस्थिर करने की कोशिश कर रहे हैं। 

असम निवासी गोगोई ने कहा कि यह क्रूर और असंवेदनशील है। हमने पहले कभी नहीं देखा कि ऐसे समय में जब लोगों के पास पानी नहीं है, तब सरकार संसाधनों को अपनी राजनीतिक महत्वकांक्षाओं की ओर मोड़ रही है। 

शिवसेना के असंतुष्ट नेता एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में महाराष्ट्र के विधायकों के एक समूह के असम पहुंचने और एक लक्जरी होटल में रखे जाने के कुछ घंटों बाद असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की उस टिप्पणी की आलोचना की जिसमें सरमा ने कहा था कि वह असम आने के लिए सभी का स्वागत करते हैं क्योंकि राज्य को विनाशकारी बाढ़ से निपटने के लिए राजस्व की जरूरत है।

गोगोई ने कहा कि हमें जब केंद्र सरकार से मानवीय मदद की जरूरत है तब उनमें सिर्फ सत्ता की भूख और लालसा दिखाई दी। असम के मुख्यमंत्री कहते हैं कि बाहर से जब लोग आएंगे, होटल में रुकेंगे तो राजस्व बढ़ेगा जिससे हम बाढ़ से प्रभावित लोगों की मदद कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि मैं पूछना चाहता हूं कि क्या इतने बुरे दिन आ गए हैं कि वह होटलों के भाड़े से बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद करेगी? क्या आपने प्रधानमंत्री मोदी, गृहमंत्री अमित शाह से राहत राशि की मांग की? अगर अर्थव्यवस्था इतनी खरा है तो क्या आपने उनसे मदद मांगी?  

गोगोई ने मुख्यमंत्री पर प्राकृतिक आपदा को हल्के में लेने का आरोप लगाते हुए कहा कि दुर्भाग्य से मुख्यमंत्री इस मामले को मजाक में ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमें खुशी है कि महाराष्ट्र से मेहमान आ रहे हैं और होटल्स में रूक रहे हैं।

बागी शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे अभी 37 शिवसेना विधायकों और गुवाहाटी में 9 निर्दलीय विधायकों के साथ डेरा डाले हुए हैं, जिससे पार्टी के नेतृत्व वाली महाविकास अघाड़ी सरकार संकट में है। राकांपा और कांग्रेस उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली सरकार में सहयोगी हैं। 
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