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Inheritance Tax: 'विरासत टैक्स' पर कांग्रेस का बड़ा दावा, कहा- भाजपा कर रही थी इस 'कर' को लागू करने की तैयारी

जितेंद्र भारद्वाज
Updated Wed, 24 Apr 2024 08:19 PM IST

सार

बतौर जयराम रमेश, मोदी सरकार में तत्कालीन वित्त राज्य मंत्री रहे जयंत सिन्हा ने सार्वजनिक रूप से यह कहा था कि वो 2014 में इनहेरिटेंस टैक्स यानी 'विरासत कर' लागू करना चाहते थे। इतना ही नहीं, 1996 और 1999 के लोकसभा चुनावों के लिए भाजपा के घोषणापत्र में यह था।
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Politics - फोटो : Amar Ujala


हालांकि, कुछ ही घंटे बाद कांग्रेस पार्टी के नेता जयराम रमेश ने भाजपा पर पलटवार किया। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि 'विरासत टैक्स' तो मोदी सरकार लागू करना चाहती थी। जयराम रमेश ने भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय द्वारा किए गए एक ट्वीट का स्क्रीन शॉट वायरल कर दिया। उस ट्वीट में मालवीय ने लिखा था, 'मैं विरासत में मिली संपत्ति पर कर लगाने के जयंत सिन्हा के विचार के पक्ष में हूं।' 




बतौर जयराम रमेश, मोदी सरकार में तत्कालीन वित्त राज्य मंत्री रहे जयंत सिन्हा ने सार्वजनिक रूप से यह कहा था कि वो 2014 में इनहेरिटेंस टैक्स यानी 'विरासत कर' लागू करना चाहते थे। इतना ही नहीं, 1996 और 1999 के लोकसभा चुनावों के लिए भाजपा के घोषणापत्र में यह था।


जयराम रमेश ने अपने ट्वीट में यह भी लिख दिया कि अब मालवीय अपने पुराने ट्वीट को डिलीट कर सकते हैं। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने भी 'एक्स' पर लिखा, अब मालवीय को यह अफसोस हो रहा होगा कि उन्होंने अपने उस ट्वीट को डिलीट क्यों नहीं किया। यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष श्रीनिवास बी ने भी लिख दिया, कसम है अगर तुमने ये ट्वीट डिलीट किया तो। बतौर जयराम रमेश, कांग्रेस के न्यायपत्र में कहीं भी 'पुनर्वितरण' शब्द नहीं लिखा है, जबकि 1996 और 1999 के लोकसभा चुनावों के लिए भाजपा ने जो घोषणापत्र जारी किया था, उसमें 'पुनर्वितरण' शब्द का उल्लेख था। 


जयराम रमेश ने दो टूक कहा है कि विरासत कर लागू करने की कांग्रेस की कोई योजना नहीं है। प्रधानमंत्री रहते हुए राजीव गांधी ने 1985 में एस्टेट ड्यूटी को खत्म कर दिया था। सच तो यह है कि मोदी सरकार ही ऐसा करना चाहती है। उन्होंने अपने इस बयान के पक्ष में कई तर्क दिए हैं। मोदी सरकार में वित्त राज्य मंत्री रहे जयंत सिन्हा ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि वो 2014 में इनहेरिटेंस टैक्स लागू करना चाहते थे। उसके बाद 2017 में ऐसी रिपोर्ट्स सामने आई थी कि मोदी सरकार इनहेरिटेंस टैक्स को फिर से लागू करने जा रही है। साल 2018 में तत्कालीन वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इनहेरिटेंस टैक्स की प्रशंसा करते हुए कहा था, पश्चिमी देशों में इस तरह के टैक्स से अस्पतालों और शिक्षण संस्थानों को काफी मात्रा में अनुदान मिलता है। जयराम रमेश ने कहा, ऐसी न्यूज रिपोर्ट्स भी सामने आईं थी कि मोदी सरकार केंद्रीय बजट 2019 में इनहेरिटेंस टैक्स पेश करेगी। 


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कांग्रेस नेता ने पीएम मोदी से यह सवाल किया कि इस मुद्दे पर आपकी पार्टी का स्टैंड क्या है। सैम पित्रोदा ने कहा था, अमेरिका में विरासत कर (टैक्स) लगता है। किसी के पास 100 मिलियन डॉलर की संपत्ति है। अगर वो व्यक्ति मर जाता है तो उसमें से केवल 45 फीसदी संपत्ति ही उसके बच्चों को ट्रांसफर होगी। बाकी राज्य के पास चली जाएगी। यानी उसे गरीबों में बांट दिया जाता है। यह दिलचस्प कानून है। इसमें कहा गया है कि आपने अपनी पीढ़ी में जो संपत्ति बनाई है और अब जा रहे हैं तो ऐसे में आपको अपनी संपत्ति जनता के लिए छोड़नी चाहिए। पूरी नहीं, आधी, जो मुझे उचित लगता है।


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'विरासत कर' के बयान को लेकर इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के अध्यक्ष सैम पित्रोदा और उनकी पार्टी पर निशाना साधा। मोदी ने कहा, यह पार्टी भावी पीढ़ियों के लिए बचत की संस्कृति को खत्म करने की कोशिश कर रही है। छत्तीसगढ़ के सरगुजा में एक चुनावी रैली में बोलते हुए पीएम ने कहा- कांग्रेस का पंजा (हाथ) लोगों द्वारा 'कड़ी मेहनत' से जमा की गई संपत्ति को उनके बच्चों से छीन लेगा। विपक्षी दल ने पारिवारिक वसीयत पर 'कर' लगाने की योजना बनाई है। मोदी ने जीवन बीमा निगम (एलआईसी) की लोकप्रिय टैगलाइन को दोहराते हुए कहा, 'कांग्रेस का मंत्र है, 'जिंदगी के साथ भी और जिंदगी के बाद भी लूटो। पीएम ने कहा, कांग्रेस लोगों पर जिंदा रहते हुए भी अधिक कर लगाएगी। जब आप जिंदा नहीं रहेंगे, तो यह आप पर विरासत कर का बोझ डालेंगे। जिन लोगों ने पूरी कांग्रेस पार्टी को अपनी पैतृक संपत्ति माना और इसे अपने बच्चों को दे दिया, वे अब नहीं चाहते कि भारतीय अपनी संपत्ति अपने बच्चों को दें।

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