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Congress: इस्राइल को लेकर कांग्रेस का PM पर हमला, जयराम रमेश बोले- भारत के मूल्यों के खिलाफ है सरकार का रुख

Fri, 29 May 2026 11:31 AM IST
रिया दुबे नई दिल्ली, पीटीआई

सार

कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर इस्राइल के प्रति एकतरफा समर्थन का आरोप लगाते हुए तीखा हमला बोला है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि पीएम मोदी ने ईरान, गाजा, लेबनान और फिलिस्तीन से जुड़े मुद्दों पर इस्राइल की कार्रवाई की कभी खुलकर आलोचना नहीं की।
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जयराम रमेश ने क्या लगाया आरोप? - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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कांग्रेस ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर इस्राइल के प्रति कथित रूप से एकतरफा समर्थन का आरोप लगाते हुए तीखा हमला बोला। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का रुख भारत की पारंपरिक विदेश नीति और मानवीय मूल्यों के विपरीत है व यह करोड़ों भारतीयों के लिए स्वीकार्य नहीं है।
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यह विवाद उस समय सामने आया जब इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के एक कथित बयान का हवाला देते हुए जयराम रमेश ने कहा कि नेतन्याहू ने एक सम्मेलन में दावा किया कि दुनिया के अधिकांश देशों में इस्राइल की वैधता पर सवाल उठ रहे हैं, लेकिन भारत में ऐसा नहीं है।

इस्राइली हमलों पर क्यों बोले रमेश?

जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि प्रधानमंत्री मोदी इस्राइल के सबसे मजबूत समर्थक के रूप में सामने आए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने ईरान के शीर्ष नेतृत्व की लक्षित हत्या की कभी निंदा नहीं की, न ही गाजा में जारी इस्राइली सैन्य अभियान पर कोई सार्वजनिक आलोचना की। कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि मोदी सरकार ने लेबनान पर इस्राइल के हमलों और वेस्ट बैंक में फिलिस्तीनियों के कथित विस्थापन व अधिकारों के हनन के मुद्दे पर भी चुप्पी साध रखी है।

पीएम मोदी पर लगाए गंभीर आरोप 

रमेश ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी ने फरवरी 2026 में इस्राइल के साथ गर्मजोशी से मुलाकात की थी और उसके कुछ ही समय बाद इस्राइल व अमेरिका ने ईरान पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले शुरू किए। उन्होंने कहा कि भारत की विदेश नीति ऐतिहासिक रूप से शांति, संवाद और फिलिस्तीनी अधिकारों के समर्थन पर आधारित रही है, लेकिन मौजूदा सरकार इस परंपरा से दूर जाती दिखाई दे रही है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि नेतन्याहू का यह कहना कि भारत इस्राइल के समर्थन में खड़ा है, पूरी तरह सही नहीं है। उनके अनुसार, यह समर्थन पूरे भारत का नहीं बल्कि प्रधानमंत्री मोदी और उनके राजनीतिक तंत्र का नजरिया हो सकता है। उन्होंने कहा कि देश के बड़ी संख्या में लोग फिलिस्तीनी जनता के प्रति सहानुभूति रखते हैं और पश्चिम एशिया में शांति व न्यायपूर्ण समाधान के पक्षधर हैं।
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कांग्रेस ने केंद्र सरकार से पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष, गाजा की स्थिति, ईरान-इस्राइल तनाव और फिलिस्तीनी मुद्दे पर अपना स्पष्ट रुख सामने रखने की मांग की है। हालांकि, सरकार की ओर से कांग्रेस के इन आरोपों पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
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