सुरजेवाला ने कहा, 'यह भी छिपाया गया कि मोदी सरकार ने गुपचुप तरीके से भ्रष्टाचार से जुड़ी शर्तों को हटा दिया। सच्चाई तब सामने आ गई जब न्यायालय ने कहा कि मोदी जी अपने भ्रष्टाचार के सबूतों को सरकारी गोपनीयता का हवाला देकर नहीं छिपा सकते।' उन्होंने कहा, 'सुप्रीम कोर्ट ने न्याय की ओर कदम उठाया है। आखिरी न्याय जेपीसी की जांच से होगा। अब जांच भी होगी और चौकीदार और उसके दोस्तों को सजा भी मिलेगी। अब होगा न्याय।'
सुरजेवाला ने ट्वीट कर कहा, 'राफेल घोटाले की परतें एक एक करके खुल रही हैं। अब 'कोई गोपनीयता का कानून नहीं है' जिसके पीछे आप छिप सकें।' उन्होंने कहा, 'उच्चतम न्यायालय ने कानूनी सिद्धांत को बरकरार रखा है। परेशान मोदी जी ने राफेल के भ्रष्टाचार का खुलासा करने वाले स्वतंत्र पत्रकारों के खिलाफ सरकारी गोपनीयता कानून लगाने की धमकी दी। चिंता मत करिए मोदी जी, अब जांच होने जा रही है। चाहे आप चाहें या न चाहें।'
दरअसल, उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को राफेल सौदे से संबंधित कुछ नए दस्तावेजों को आधार बनाए जाने पर केंद्र की प्रारंभिक आपत्ति को ठुकरा दिया। इन दस्तावेजों पर केंद्र सरकार ने ‘विशेषाधिकार’ का दावा किया था।