चुनाव आयोग द्वारा 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की घोषणा के बाद कांग्रेस ने सोमवार को आयोग की नीयत और विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठाए। पार्टी ने कहा कि न तो मतदाता संतुष्ट हैं और न ही विपक्ष को भरोसा है कि आयोग निष्पक्ष काम कर रहा है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि बिहार में जिस तरह से लाखों वोट काटे गए, अब वही प्रक्रिया दोहराई जा रही है।
कांग्रेस के मीडिया और प्रचार प्रमुख पवन खेड़ा ने एक्सपर जारी वीडियो संदेश में कहा कि बिहार में हुए एसआईआर को लेकर अब तक सवालों के जवाब नहीं मिले हैं। उन्होंने कहा कि स्थिति ऐसी थी कि सुप्रीम कोर्ट को कई बार दखल देना पड़ा। खेड़ा ने आरोप लगाया कि भाजपा ने चुनाव आयोग को अपनी कठपुतली बना लिया है। उन्होंने कहा कि बिहार में एसआईआर के दौरान 65 लाख वोट हटा दिए गए, लेकिन एक भी नया वोट नहीं जोड़ा गया। इससे आयोग की नीयत पर सवाल उठते हैं। अब आयोग वही प्रक्रिया 12 राज्यों में दोहराने जा रहा है, जिससे मतदाता सूची की निष्पक्षता पर संदेह गहरा गया है।
कांग्रेस का बड़ा दावा
खेड़ा ने दावा किया कि कर्नाटक के आलंद विधानसभा क्षेत्र में राहुल गांधी द्वारा वोट चोरी का खुलासा करने के बाद जांच में पता चला कि मतदाता सूची से नाम हटाने का एक केंद्रीकृत ऑपरेशन चलाया जा रहा था। उन्होंने कहा कि एसआईटी की जांच के बाद इस पूरे नेटवर्क की सच्चाई सामने आएगी। कांग्रेस ने अपने एक्स पोस्ट में आरोप लगाया कि देशभर में जगह-जगह वोट जोड़ने और काटने की गड़बड़ियां सामने आ रही हैं।
कांग्रेस ने यह भी कहा कि चुनाव आयोग को इन मामलों की जांच करनी चाहिए थी, लेकिन उसने खुद ‘वोट चोरी’ के खेल में शामिल हो गया है। पार्टी ने एसआईआर को लोकतंत्र के खिलाफ साजिश बताते हुए कहा कि यह जनता के अधिकार छीनने की साजिश है।
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आयोग की सफाई
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि चुनाव आयोग 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में एसआईआर के दूसरे चरण की शुरुआत चार नवंबर से करेगा। यह प्रक्रिया चार दिसंबर तक चलेगी। इसके बाद 9 दिसंबर को मतदाता सूची का प्रारूप जारी किया जाएगा और अंतिम सूची 7 फरवरी 2026 को प्रकाशित की जाएगी।
ज्ञानेश कुमार ने बताया कि इस चरण में कुल 51 करोड़ मतदाता शामिल होंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि एसआईआर का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई पात्र मतदाता छूटे नहीं और कोई अपात्र व्यक्ति मतदाता सूची में न रहे।
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किन राज्यों में होगा एसआईआर?
दूसरे चरण का एसआईआर जिन राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में होगा, उनमें अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, लक्षद्वीप, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, मध्य प्रदेश, पुडुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल शामिल हैं। इनमें से केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी और पश्चिम बंगाल में वर्ष 2026 में विधानसभा चुनाव होने हैं।
ज्ञानेश कुमार ने कहा कि असम में मतदाता सूची का पुनरीक्षण अलग से घोषित किया जाएगा, क्योंकि वहां नागरिकता कानून के विशेष प्रावधान लागू हैं। उन्होंने बताया कि आज़ादी के बाद से यह नौवां एसआईआर है, पिछली बार 2002-04 में हुआ था।