कांग्रेस ने यूपी में लोकसभा चुनाव हारने वाले नेताओं को उनके क्षेत्र की दो-दो विधानसभा सीटें जिताने का जिम्मा सौंपा है। प्रियंका गांधी के साथ शुक्रवार देर शाम यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर अहम बैठक हुई। बैठक में संसदीय चुनाव लड़ने वाले 24 उम्मीदवार भी शामिल हुए, जिन्होंने अपने क्षेत्र में 50000 से अधिक वोट पाए थे।
बैठक में यूपी के प्रभारी गुलाम नबी आजाद और प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर भी मौजूद थे। कांग्रेस फिलहाल अपने मतदाताओं को जानने के लिए उन इलाकों की पहचान कर रही है, जहां उसे लगता है कि संसदीय चुनाव में मोदी लहर के बावजूद उसके उम्मीदवारों को 50000 से अधिक वोट मिले। ऐसे में संसदीय क्षेत्र के अंदर आने वाली विधानसभाएं, जहां अधिक वोट मिला है, उनको अधिक फोकस किया जाएगा। बैठक में मौजूद नेताओं को निर्देश दिए गए हैं कि कम से कम दो विधानसभाओं में जाकर काम शुरू कर दें।
उम्मीद जताई जा रही है कि लोकसभा चुनाव में बेहतर प्रदर्शन करने वाले उम्मीदवारों को विधानसभा चुनाव में उतारा जा सकता है। कांग्रेस ने यूपी विधानसभा के चुनाव के लिए नोटबंदी को मुख्य मुद्दा मान लिया है। बैठक में आए नेताओं से कहा गया कि नोटबंदी की सच्चाई और कथित घोटाले की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाएं। नेताओं से कहा गया है कि नोटबंदी से आम लोगों और किसानों को हुई परेशानी को जनता तक पहुंचाएं। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के गोवा चले जाने के कारण बैठक में प्रियंका मौजूद थीं। हालांकि पिछली कई बैठकें प्रियंका ने ही ली हैं। बैठक में कुछ नेताओं ने राज्य में गठबंधन की राजनीति से दूर रहने की बात भी कही।