नरेंद्र मोदी-रणदीप सुरजेवाला (फाइल फोटो)
देश में अर्थव्यवस्था की हालत बेहद सुस्त है। ऑटो सेक्टर के बाद कई अन्य सेक्टर में भी गिरावट और नौकरियों में छंटनी देखी जा रही है। उत्पादन में गिरावट को देखते हुए केंद्र सरकार ने फौरी तौर पर कुछ कदम उठाए हैं। इनमें विदेशी कंपनियों को दो साल तक भारत में कोई ऑफलाइन स्टोर खोले बिना अपने माल को बेचने की इजाजत देना भी शामिल है। लेकिन कांग्रेस ने कहा है कि सरकार के इस फैसले से विदेशी कंपनियों को लाभ होगा, जबकि इससे देश में नौकरियां पैदा नहीं होंगी और बेकारी बढ़ेगी।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रणदीप सुरजेवाला ने कहा है कि सरकार ने विदेशी कंपनियों के लिए एफडीआई नियमों में ढील दी है। ऑफलाइन स्टोर खुलते तो इससे भवन निर्माण, रखरखाव और किराये सहित अनेक रोजगार का सृजन होता। जबकि ऑनलाइन माल बेचने की इजाजत से अब ऐसा नहीं होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि विदेशी कंपनियों पर 30 फीसदी माल देशी उत्पादकों से लेना अनिवार्य है, लेकिन अब वे 30 फीसदी माल लेने के बाद 100 फीसदी विदेशी उत्पाद भारतीय बाजार में बेच सकेंगी। इससे भारत से ज्यादा विदेशी कंपनियों और बाजारों को लाभ होगा।