कोरोना वायरस संकट के दौरान लागू लॉकडाउन में फंसे प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार से अनुरोध करते हुए कहा है कि प्रवासियों के साथ जो कुछ हो रहा है, वह इस दौर की सबसे बड़ी मानव त्रासदी है।
कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि प्रवासी मजदूरों की दयनीय हालत को देखते हुए केंद्र सरकार को उन्हें बचाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रवासी मजदूरों के पास घर पहुंचने के लिए सैकड़ों किलोमीटर पैदल चलने के अलावा और कोई दूसरा रास्ता नहीं है।
उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के करीब 50 दिनों में हम नंगे पांव और भूखे पेट अपने घरों की ओर पैदल चलते लोगों की तस्वीरें देख रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और ट्रक पर सवार लोगों की तस्वीरें बहुत चिंतित करने वाली है। उन्होंने महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले में हुई घटना का भी जिक्र करते हुए कहा कि घर लौटने के दौरान पटरियों पर मालगाड़ी की चपेट में आने से प्रवासी मजदूरों की मौत का दृश्य निराशा जनक है।
उन्होंने कहा, ‘‘देश में प्रवासी मजदूरों के साथ जो कुछ हो रहा है, वह शायद मौजूदा दौर की सबसे बड़ी मानव त्रासदी है।’’