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मणिपुर में भाजपा और कांग्रेस में जुबानी जंग तेज

Thu, 02 Feb 2017 12:48 PM IST
रीता तिवारी/ इंफाल।
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कोलकाता के पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर में विधानसभा चुनावों की सरगर्मी शुरू होने से पहले ही सत्तारूढ़  कांग्रेस और भाजपा में जुबानी जंग तेज होती जा रही है। भाजपा ने जहां राज्य की मौजूदा परिस्थिति के लिए कांग्रेस और उसकी गलतियों को जिम्मेदार ठहराया है वहीं मुख्यमंत्री इबोबी सिंह ने भाजपा, नगा संगठन यूनाइटेड नगा कौंसिल (यूएनसी) और उग्रवादी संगठन नेशनल सोशलिस्ट कौंसिल आफ नगालैंड (एनएससीएन) के इसाक-मुइवा गुट को एक ही सिक्के के अलग-अलग पहलू करार दिया है।
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ध्यान रहे कि राज्य में सात नए जिलों के गठन के विरोध में यूएनसी की अपील पर नेशनल हाइवे पर बीते 92 दिनों से जारी आर्थिक नाकेबंदी की वजह से राज्य में जरूरी वस्तुओं की भारी किल्लत हो गई है। इससे आम लोगों को बेहद मुश्किल हालात का सामना करना पड़ रहा है। अब इस समस्या का समाधान तलाशने की बजाय कांग्रेस और भाजपा इसके लिए एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहरा कर वाक युद्ध में जुटे हैं।
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प्रदेश भाजपा के प्रवक्ता एन.बीरेन सिंह ने कहा मौजूदा विवाद कांग्रेस की ही देन है।

कभी मुख्यमंत्री इबोबी सिंह के करीबी रहे बीरेन सिंह ने बीते साल दिसंबर में पार्टी से नाता तोड़ कर भाजपा का दामन थाम लिया था। इस बार वे भाजपा के टिकट पर इंफाल पूर्व जिले की हेंगांग सीट से मैदान में हैं। दूसरी ओर, मुख्यमंत्री इबोबी सिंह ने जवाबी हमला बोलते हुए भाजपा, यूएनसी और एनएससीएन(आई-एम) एक ही सिक्के के अलग-अलग पहलू करार दिया है। सिंह ने दावा किया कि केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि एनएससीएन सदर हिल्स जिले के गठन के खिलाफ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नए जिलों का गठन राज्य सरकार का विशेषाधिकार है और उन्होंने केंद्र को भी यह बात बता दी है। उन्होंने दोहराया कि नए जिलों का गठन प्रशासनिक सहूलियत के लिए किया गया है, किसी राजनीतिक फायदे के लिए नहीं। सरकार की दलील रही है कि सदर हिल्स जिले के गठन की मांग चार दशक से भी ज्यादा पुरानी है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया है कि केंद्रीय मंत्री विभिन्न परियोजनाओं के शिलान्यास के लिए राज्य का दौरा करते रहे हैं। लेकिन किसी ने स्थानीय समस्याओं को दूर करने पर कोई ध्यान नहीं दिया है।

बार-बार अनुरोध करने के बावजूद केंद्र ने नाकेबंदी खत्म करने की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की है।
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