प्रवासी मजदूरों की बस रवाना करते सोनू सूद
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प्रवासी मजदूरों को उनके गांव भेजने में मदद करने वाले बालीवुड अभिनेता सोनू सूद की देशभर में तारीफ हो रही है, लेकिन शिवसेना को यह नागवार लगा है। रविवार को पार्टी के मुखपत्र में सांसद संजय राउत ने लिखा कि सूद के काम के पीछे भाजपा खड़ी नजर आ रही है। राउत को आशंका है कि सूद के मदद कार्य से ठाकरे सरकार बदनाम हो रही है।
बालीवुड अभिनेता सोनू सूद पर निशाना साधने के बाद भाजपा और कांग्रेस ने शिवसेना की जमकर खबर ली है। मुंबई कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष संजय निरुपम ने कहा कि लॉकडाउन में सूद ने बहुत अच्छा काम किया है। उनके काम की सराहना की जानी चाहिए। लेकिन ऐसा करने की बजाय शिवसेना सूद की आलोचना कर रही है।
असल में शिवसेना प्रवासी मजदूरों को घर भेजने या फिर उसके रहने-खाने वगैरह की सुविधा मुहैया कराने में पूरी तरह से फेल हो गई है। अपनी असफलता छिपाने के लिए वह अच्छा काम करने वालों को परेशान कर रही है। सूद पर दिए बयान के लिए शिवसेना को मांफी मांगनी चाहिए। इससे पहले शिवसेना के साथ सरकार में शामिल एनसीपी ने सूद के कार्य की सराहना की थी। राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने सूद को राजभवन बुलाकर प्रमापत्र दिया था।
शरद पवार की पार्टी एनसीपी की सराहना और राज्यपाल के सम्मानपत्र देने के बाद शिवसेना को सूद के काम के पीछे भाजपा नजर आ रही है। शिवसेना के राज्यसभा सांसद राउत ने कहा कि भाजपा ने सोनू सूद को गोद लिया (राजनीतिक रूप से) और उत्तर भारतीय प्रवासी श्रमिकों के बीच प्रभाव बनाने का प्रयास किया।
महाराष्ट्रद्रोही है शिवसेना!
दूसरी ओर, मुंबई भाजपा के पूर्व अध्यक्ष आशीष शेलार ने भी शिवसेना पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि जो महाराष्ट्र में अच्छा काम कर रहे हैं उसे शिवसेना रोक रही है क्या यह महाराष्ट्र द्रोह नहीं है? सूद ने प्रवासी मजदूरों की मदद की। सूद के कार्य की प्रसंशा ही होनी चाहिए।