बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आगामी राष्ट्रपति पद के चुनाव के मुद्दे पर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की है। उन्होंने सलाह दी है कि मौजूदा राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को फिर से यूपीए की तरफ से राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया जाए और उन्हीं की उम्मीदवारी को लेकर बाकी दलों को साथ लाया जाए। नीतीश कुमार की इस सलाह पर कांग्रेस सहमत दिख रही है। कांग्रेस इस मुद्दे पर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से बातचीत के बाद आगे बढ़ेगी। कांग्रेस पहले उनसे सहमति लेगी कि वो इस पद पर आगे बने रहना चाहते हैं या नहीं। बता दें कि देश के अगले राष्ट्रपति का चुनाव जुलाई माह में होना है।
आज शाम को ही कांग्रेस की मुखिया सोनिया गांधी ने राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार को लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ बातचीत की है। जिसमें उन्होंने भाजपानीत एनडीए गठबंधन के खिलाफ विपक्ष की ओर से संयुक्त उम्मीदवार को लेकर चर्चा हुआ। हालांकि ममता बनर्जी ने साफ कहा कि अभी नाम को लेकर कोई चर्चा नहीं हुआ है।
Discussed important matter regarding politics and president election both, no discussion on name: Mamata Banerjee after meeting Sonia Gandhi pic.twitter.com/8Bm5Hm5a3y— ANI (@ANI_news) May 16, 2017
नीतीश कुमार ने इस मुद्दे पर बीजेपी को भी सुझाव दिया है कि वो विपक्ष के साथ मिलकर साझे तौर पर प्रणब मुखर्जी के नाम पर राष्ट्रपति पद पर आम सहमति बनाए। इस मुद्दे पर प्रनब मुखर्जी पहले ही साफ कर चुके हैं कि अगर सत्ताधारी दलों के लोग उनके नाम पर सहमत होते हैं, तभी वो अगले टर्म के लिए अपनी उम्मीदवारी को आगे बढ़ाएंगे।
वैसे, बीजेपी देश के अगले राष्ट्रपति के तौर पर अपनी पसंद के उम्मीदवार को सामने लाना चाहती है। इसके लिए उसे छोटे दलों से थोड़े समर्थन की जरूरत है। इस क्रम में बीजेपी और वाईएसआर कांग्रेस के बीच बातचीत भी चल रही है।
गौरतलब है कि साल 2002 में विपक्ष में रहते हुए भी कांग्रेस तत्कालीन राष्ट्रपति के आर नारायणन को समर्थन दे रही थी कि वो दूसरी बार राष्ट्रपति बनें। पर तब सत्तासीन एनडीए ने कहा था कि वो अपनी पसंद के राष्ट्रपति उम्मीदवार को उतारेगी। ऐसा ही कुछ साल 2007 में हुआ था, जब कांग्रेस ने तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम को दूसरे टर्म के लिए नॉमिनेट नहीं किया था, जबकि बीजेपी सहमत थी। कांग्रेस ने उस समय कहा था कि वो राजनीतिक तौर पर अधिक सक्रिय और जानकार उम्मीदवार का समर्थन करेगी।