कांग्रेस ने विधि आयोग से कहा है कि वह लोकसभा और विधानसभाओं के चुनाव साथ कराने के विचार का विरोध करती है। पार्टी ने कहा कि यह भारतीय संघवाद के मूल ढांचे के खिलाफ है।
दरअसल इस मुद्दे पर सियासी दलों की राय बंटी हुई है। अकाली दल, जद यू, अन्नाद्रमुक, सपा और टीआरएस ने इसका समर्थन किया था। वहीं टीएमसी, आप, द्रमुक, टीडीपी आदि ने इसका विरोध किया था।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं मल्लिकार्जुन खड़गे, पी चिदंबरम, आनंद शर्मा, ए एम सिंघवी और कपिल सिब्बल का एक प्रतिनिधिमंडल विधि आयोग को साथ चुनाव कराने के विचार पर शुक्रवार को अपने रुख से अवगत करा आया।
मालूम हो कि विधि आयोग ने इस मसले पर सभी दलों को अपनी राय बताने को कहा था, लेकिन भाजपा और कांग्रेस ने जुलाई में इस परामर्श बैठक से खुद को दूर रखा था। पिछले महीने सिंघवी ने इस प्रस्ताव को संवैधानिक विकृति बताया था।