अदाणी मामले पर कांग्रेस ने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर अदाणी समूह पर एक्शन ना लेने में विफल रहने का आरोप लगाया है। कांग्रेस ने सवाल किया है कि क्या एनएसई और सेबी पर कोई दबाव था, जिसके चलते इन्होंने अदाणी समूह के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की? कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि मार्केट रेगुलेटर जैसे सेबी का काम भारतीय कैपिटल मार्केट की रक्षा करना है लेकिन सेबी ऐसा करने में विफल रहा है। इससे उसकी छवि धूमिल होने के साथ ही भारत के आर्थिक बाजार की अखंडता पर भी सवालिया निशान लगा है।
जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री से सवाल करते हुए कहा कि आपने (प्रधानमंत्री) जी20 की बैठक में वैश्विक नेताओं के सामने कहा था कि आर्थिक अपराधियों के लिए सुरक्षित पनाहगाह खत्म करने, उनकी पहचान कर उन्हें प्रत्यारोपित करने और कठिन अंतरराष्ट्रीय रेगुलेशन के जाल को तोड़ने की जरूरत है, जिसमें भ्रष्टाचारी और उनके अपराध छिप जाते हैं। लेकिन आपने खुद अपने साथियों को इस मामले में छूट दी।
बता दें कि विपक्ष अदाणी मामले पर जेपीसी(संयुक्त संसदीय समिति) से जांच या फिर सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच कराने की मांग कर रहा है। बता दें कि अमेरिकी की वित्तीय फर्म हिंडनबर्ग ने अदाणी समूह पर शेयरों में हेरा-फेरी करने का आरोप लगाया है, जिसके बाद अदाणी समूह के शेयरों की कीमतों में भारी गिरावट आई है। विपक्ष इसे महाघोटाला बता रहा है और आरोप है कि एलआई और एसबीआई जैसे सार्वजनिक सेक्टर्स ने अदाणी समूह में निवेश किया है और इसमें आम लोगों का पैसा शामिल है। जयराम रमेश ने कहा कि अदाणी समूह पर स्टॉक में हेराफेरी के आरोप लगे हैं। अदाणी समूह के स्टॉक 24 जनवरी से 6 फरवरी तक नौ लाख पचास हजार करोड़ रुपए की गिरावट आई है।
जयराम रमेश ने कहा कि सवाल किया कि अदाणी समूह मामले में सेबी को जिम्मेदार क्यों नहीं ठहराया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बीती 19 जुलाई 2021 को वित्त मंत्री ने संसद में स्वीकार किया था कि अदाणी समूह द्वारा सेबी के नियमों का उल्लंघन करने की जांच चल रही है। रमेश ने कहा कि क्या मोदी सरकार के दबाव में सेबी ने अदाणी समूह के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की?
जयराम रमेश ने कहा कि अदाणी समूह पर स्टॉक की कीमतों में ऑफशोर शैल कंपनियों की मदद से हेराफेरी करने के आरोप लगे हैं। मोंटेरोसा ग्रुप के अदाणी समूह में करीब 4.5 बिलियन यूएस डॉलर के शेयर हैं। इस कंपनी के सीईओ का एक भगोड़े हीरा कारोबारी से संबंध है और इसके बेटे की शादी गौतम अदाणी के भाई विनोद अदाणी की बेटी से हुई है। वित्त मंत्रालय ने संसद में बताया था कि सेबी ने मोनटेरोसा ग्रुप के खाते साल 2016 में सीज किए थे लेकिन उसके बाद इस मामले में कुछ नहीं हुआ। रमेश ने कहा कि इन बेनामी कंपनियों की जांच में सेबी ने क्यों नहीं की?