भाजपा सदस्यों ने भी राफेल मुद्दे पर चर्चा की मांग की । वहीं अपने हाथों में तख्तियां लिए कांग्रेस सदस्य अपनी मांग को लेकर आसन के समीप नारा लगा रहे थे ।
अनुदान की अनुपूरक मांग पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए भाजपा के निशिकांत दुबे ने कहा कि बोफोर्स मामले और टू जी मामले में भी जेपीसी का गठन किया गया था और क्लीनचिट दी गयी जबकि बाद में गड़बड़ी पकड़ी गई । उन्होंने आरोप लगाया कि अब अगस्ता वेस्टलैंड में ‘मिसेज जी’ का नाम आया है, इसका पैसा किसके पास गया ।
दुबे ने कहा कि 11 दिसंबर से संसद का सत्र शुरू हुआ है, कांग्रेस राफेल मामले में संसद की कार्यवाही बाधित कर रही है। सरकार चर्चा को तैयार है, कांग्रेस तैयारी करके नहीं आती और केवल बाधा डालने का काम कर रही है। देश की जनता को यह पता होना चाहिए ।
इससे पहले लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खडगे ने कहा कि राफेल विमान सौदा फ्रांस के साथ किया गया । इस विमान को अधिक कीमत पर खरीदा गया । यह विमान संप्रग सरकार की तुलना में तीन गुना अधिक कीमत पर खरीदा गया। उन्होंने सवाल किया कि सरकार विमान की कीमत क्यों नहीं बता रही है । इस संबंध में सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी को अनुबंध क्यों नहीं दिया गया । उन्होंने आरोप लगाया कि इसमें 30 हजार करोड़ रूपये का कथित घोटाला हुआ है। इस मामले की संयुक्त संसदीय समिति से जांच करायी जाए ।
भाजपा के रमेश बिधूड़ी ने राफेल मामले पर कांग्रेस सदस्यों के विरोध का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और लोकसभा में पार्टी के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे सदन में हैं और वे आरोप लगाते हैं और हर बार अलग अलग कीमत बताते हैं । उन्होंने सवाल किया कि कांग्रेस के लोग इस मामले पर चर्चा से क्यों भाग रहे हैं। कांग्रेस सदस्यों ने प्रश्नकाल के दौरान भी राफेल विमान सौदे की जेपीसी से जांच की मांग की और सदन में नारेबाजी की । इसके कारण कार्यवाही बाधित हुई और बैठक प्रश्नकाल समाप्त होने से 10 मिनट पहले दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई ।