एक तरफ भारत-चीन में डोकलाम सीमा विवाद पर बहस छिड़ी हुई है, वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की मुलाकात चीनी राजदूत से हुई है। हालांकि, कांग्रेस ने इस मुलाकात को पहले तो झूठा करार दिया था, लेकिन चीनी दूतावास की ओर से सोशल मीडिया पर पोस्ट तस्वीरें पोस्ट करने के बाद कांग्रेस के बयान बदल गए हैं। कांग्रेस का कहना है कि राहुल गांधी के साथ ही पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार रहे शिवशंकर मेनन ने भी चीनी राजदूत से मुलाकात की है। यही नहीं, दोनों ने भूटानी राजदूत से भी मुलाकात की है। पर ये महज शिष्टाचार वश थी। इसके अलग मायने नहीं निकाले जाने चाहिए। वैसे, राहुल की इस मुलाकात पर बढ़ने विवादों के बीच चीनी दूतावात ने उन जानकारियों को वेबसाइट से हटा दिया है, जिसमें राहुल से मुलाकात की जानकारी दी गई थी।
कांग्रेस द्वारा आधिकारिक तौर पर बयान जारी करने के बाद खुद राहुल गांधी ने भी इस मसले पर चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने स्वीकार किया कि उन्होंने चीनी राजदूत से मुलाकात की थी। उसके साथ पूर्व एनएसए शिवशंकर मेनन भी थे। राहुल ने कहा कि उनके साथ नॉर्थ-ईस्ट के नेता भी थे, साथ ही भूटानी दूतावास के लोग भी। राहुल गांधी ने कहा कि साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि उन्हें भी अपने देश के बारे में जानने का पूरा हक है।
It is my job to be informed on critical issues.I met Chinese Ambassador, Ex-NSA, Cong leaders from NE & Bhutanese Ambassador: Rahul Gandhi pic.twitter.com/e5zT37HGMD
— ANI (@ANI_news) July 10, 2017
राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर हमलावर होते हुए कहा कि अगर चीनी दूतावास में जाने से सरकार को बहुत परेशानी है, तो 3 केंद्रीय मंत्री चीनियों की आवभगत का फायदा क्यों उठा रहे हैं?
If Govt is so concerned abt me meeting an Amb,they shld explain why 3Ministers are availing Chinese hospitality while border issue is on: RG
— ANI (@ANI_news) July 10, 2017
इससे पहले खबर आई थी कि राहुल गांधी ने सिर्फ चीनी राजदूत से मुलाकात की है। इस मुलाकात को लेकर सोशल मीडिया पर जोरदार बहस होने लगी। साथ ही उनकी इस मुलाकात पर सवाल भी उठाए जाने लगे कि राहुल गांधी सांसद हैं, पर सीमा पर विवाद के बीच वो चीनी राजदूत से कैसे मिल सकते हैं। विरोध बढ़ता देख कांग्रेस पार्टी ने राहुल गांधी की ऐसी किसी भी मुलाकात को खारिज कर दिया था। पर चीनी दूतावास की तरफ से सोशल मीडिया पर तस्वीरें डाले जाने के बाद कांग्रेस के बयान भी बदल चुके हैं। कांग्रेस ने पहले से जारी बयान के ठीक उलट दूसरा बयान जारी किया है।
कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, -हां, राहुल गांधी ने 8 जुलाई को चीनी राजदूत लियो झाओहुई से मुलाकात की थी। इस दौरान पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिवशंकर मेनन भी थे। पर राहुल और मेनन ने सिर्फ चीनी राजदूत से ही मुलाकात नहीं की, बल्कि भूटानी राजदूत से भी मुलाकात की।
Envoys met Rahul Gandhi ji, not only Chinese envoy but also Bhutanese envoy and ex NSA Shiv Shankar Menon: RS Surjewala
— ANI (@ANI_news) July 10, 2017
इससे बाद सुरजेवाला ने कहा कि ये मुलाकात सिर्फ औपचारिकता वश थी। ये शिष्टाचार वाली मुलाकात थी। विभिन्न देशों के राजदूत विपक्षी पार्टियों के मुखिया और बड़े नेताओं से मिलते रहे हैं। इसमें कुछ नया नहीं है।
Various ambassadors and envoys keep meeting Congress President and Vice President time to time on courtesy basis: RS Surjewala,Congress pic.twitter.com/7h0dqwzL83
— ANI (@ANI_news) July 10, 2017