कांग्रेस पार्टी ने आगामी राज्यों के विधानसभा चुनावों की तैयारियां तेज कर दी है। साल के अंत में राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में चुनाव होने हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए पार्टी ने इन राज्यों के लिए स्क्रीनिंग कमेटी की घोषणा कर दी है। पहली बार ऐसा देखने को मिला है कि पार्टी ने अहम चुनावी कमेटी की कमान किसी बुजुर्ग नेता को न सौंपते हुए युवा नेताओं के जिम्मे सौंपी है। चुनावी राज्यों में जिन नेताओं को स्क्रीनिंग कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है, उन सभी की गिनती कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के नजदीकियों में होती है। स्क्रीनिंग कमेटी हर सीट पर कुछ संभावित उम्मीदवारों के नाम तय करके पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति को भेजती है। जहां उम्मीदवार के नाम पर अंतिम मुहर लगती है।
राजस्थान: समितियों के जरिए संतुलन बनाने की कोशिश
राजस्थान के विधानसभा चुनाव के लिए असम के पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई के बेटे और असम के कलियाबोर से सांसद गौरव गोगोई को प्रदेश की स्क्रीनिंग कमेटी का चेयरमैन बनाया गया है। जबकि उत्तराखंड कांग्रेस के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष गणेश गोदियाल और कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव अभिषेक दत्त को इस कमेटी में सदस्य नियुक्ति किया गया है। इस कमेटी में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, सीएम अशोक गहलोत, प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा, पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट, सीपी जोशी और तीनों सह प्रभारी सचिवों- काजी निजामुद्दीन, अमृता धवन और वीरेंद्र राठौड़ को संदस्य बनाया गया है।
प्रदेश कांग्रेस से जुड़े सूत्रों का कहना है कि स्क्रीनिंग कमेटी सबसे अहम कमेटी होती है। यही चुनाव में टिकट वितरण से जुड़े फैसले लेती है। कमेटी में सचिन पायलट को जगह देकर हाईकमान ने पिछले चुनाव जैसा मेलजोल बनाने के संकेत दिए हैं। सचिन पायलट को जगह मिलने से साफ हो गया कि अब टिकट वितरण में उनकी भी चलेगी। उनके समर्थकों के लिए वे टिकट की मांग कर सकेंगे। पिछले दिनों जो समितियां बनाई गई है इसमें भी हाईकमान ने सभी तरह का संतुलन रख गुटों को साधने का प्रयास किया है। हालांकि कैंपेन कमेटी सहित अभी आधा दर्जन चुनावी कमेटियों का गठन होना बाकी है। कैंपेन कमेटी का अध्यक्ष किसे बनाया जाता है, इसे लेकर सबकी निगाहें टिकी हैं।
गहलोत-पायलट विवाद और राजस्थान में सत्ता पलटने के रिवाज को ध्यान में रखते हुए हाईकमान बहुत सोच समझकर फैसले लेते हुए दिखाई दे रहा है। इसलिए प्रदेश की चुनाव से जुड़ी समितियों में राहुल गांधी अपने भरोसेमंद नेताओं को नियुक्त करवा रहे है। गौरव राहुल गांधी के नजदीक माने जाते है। इसी तरह गणेश गोदियाल भी हाईकमान के नजदीक माने जाते है। जबकि दिल्ली से ताल्लुक रखने वाले राष्ट्रीय सचिव अभिषेक दत्त राहुल गांधी की भारत जोड़ों यात्रा में पूरे समय उनके साथ चल रहे थे। इससे पहले विधानसभा चुनावों के लिए सीनियर ऑब्जर्वर लगाए गए मधुसूदन मिस्त्री और ऑब्जर्वर सेंथिल की गिनती भी राहुल गांधी के भरोसेमंद नेता हैं।
मध्यप्रदेश: स्क्रीनिंग कमेटी के जरिए साधे जातिगत समीकरण
कांग्रेस आलाकमान ने मध्यप्रदेश की स्क्रीनिंग कमेटी का अध्यक्ष राजस्थान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह को बनाया है। इस कमेटी में यूपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू और ओडिशा की कोरापुट लोकसभा सीट से सांसद सप्तगिरि उल्का को भी शामिल किया गया है। इस कमेटी में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ, नेता प्रतिपक्ष डॉक्टर गोविंद सिंह, प्रदेश प्रभारी जे.पी अग्रवाल, पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह, कैंपेनिंग कमेटी के चेयरमैन कांतिलाल भूरिया, पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के इंचार्ज सचिवों को समिति में पदेन सदस्य बनाया गया है।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी द्वारा बनाई गई स्क्रीनिंग कमेटी की विधानसभा चुनाव के टिकट वितरण में अहम भूमिका रहेगी। इस कमेटी के सदस्य स्थानीय परिस्थितियों, सामाजिक समीकरणों और सर्वे के फीडबैक के आधार पर टिकट की अनुशंसा करेंगे। अलवर राजघराने के सदस्य भंवर जितेंद्र सिंह को इस टीम का चीफ बनाया गया है। राहुल गांधी के करीबी जितेंद्र सिंह केंद्रीय खेल और रक्षा राज्यमंत्री रह चुके हैं। इस कमेटी में आदिवासी वर्ग को साधने के लिए ओडिशा के कोरापुर से पार्टी सांसद सप्तगिरी उलका को भी सदस्य नियुक्ति किया गया है। उलका ओड़ीसा राज्य में कांग्रेस के इकलौते सांसद हैं। ओबीसी वर्ग से आने वाले यूपी के पूर्व पीसीसी चीफ अजय कुमार लल्लू को इस कमेटी में मेंबर बनाया है। लल्लू यूपी की पिछड़ी कानू जाति से आते हैं। वे यूपी में विधायक भी रह चुके हैं। लल्लू राहुल-प्रियंका के नजदीक बताएं जाते हैं।
राजस्थान के बाद छत्तीसगढ़ में माकन को मिली बड़ी जिम्मेदारी
कांग्रेस हाईकमान ने छत्तीसगढ़ के लिए बनाई स्क्रीनिंग कमेटी का अध्यक्ष पूर्व केंद्रीय मंत्री अजय माकन को बनाया है। जबकि डॉ. एल हनुमंथैया और नेटा डिसूजा को कमेटी में सदस्य बनाया गया है। इस कमेटी में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, कांग्रेस महासचिव प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा, उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव और एआईसीसी के सचिवों को पदेन सदस्य बनाया गया है।
दिल्ली के प्रदेश अध्यक्ष रहे अजय माकन भी कांग्रेस हाईकमान के बेहद करीब हैं। इससे पहले माकन को राजस्थान भेजा गया था, लेकिन वहां सचिन पायलट और अशोक गहलोत के बीच चल रही खींचतान की वजह से माकन ने इस्तीफा दे दिया था। माकन का पारिवारिक बैकग्राउंड भी राजनीति का रहा है। कांग्रेस महासचिव माकन इससे पहले पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की कैबिनेट में मंत्री थे और दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के मंत्रिमंडल में मंत्री थे। वह दो बार सांसद के रूप में और तीन बार दिल्ली विधानसभा के लिए चुने गए।
जबकि कमेटी की सदस्य बनाई गई नेटा डिसूजा महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। इससे पहले भी नेटा कई बार छत्तीसगढ़ का दौरा कर चुकी हैं। हाल ही में मार्च के महीने में भी वे छत्तीसगढ़ आई थीं। नेटा डिसूजा यूथ कांग्रेस से राजनीति कर रही हैं। वे यूथ कांग्रेस में राष्ट्रीय सचिव रही हैं। इसके बाद वो एनएसयूआई से जुड़ी रहीं। वे प्रदेश की सियासत को भी समझती हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि इसी वजह से उन्हें यह जिम्मेदारी दी गई है।
जबकि तेलंगाना में कांग्रेस सांसद के. मुरलीधरन की अगुवाई वाली स्क्रीनिंग कमेटी में बाबा सिद्दीकी और जिग्नेश मेवानी को सदस्य बनाया गया है। जबकि प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रेवंत रेड्डी और कुछ अन्य नेता इसके पदेन सदस्य होंगे।
इसलिए अहम है प्रदेश की स्क्रीनिंग कमेटी
इन नेताओं को बनाया गया है राज्यों में पर्यवेक्षक
हाल ही कांग्रेस ने राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ समेत सभी चुनावी राज्यों के लिए पर्यवेक्षकों की नियुक्ति भी की है। राजस्थान के लिए मधुसूदन मिस्त्री को वरिष्ठ पर्यवेक्षक बनाया गया है। जबकि शशिकांत सेंथिल को पर्यवेक्षक गया है। मध्यप्रदेश में वरिष्ठ पर्यवेक्षक रणदीप सिंह सुरजेवाला और चंद्रकांत हंडोरे को पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है। जबकि छत्तीसगढ़ में उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष प्रीतम सिंह को वरिष्ठ पर्यवेक्षक और मीनाक्षी नटराजन को पर्यवेक्षक गया है। इसी तरह तेलंगाना में वरिष्ठ पर्यवेक्षक दीपा दासमुंशी और पर्यवेक्षक सिरिवेल्ला प्रसाद को नियुक्ति किया गया है।