काले धन पर लगाम कसने के लिए भले ही सरकार बड़े-बड़े दावे कर रही हो लेकिन सत्तारुढ़ बीजेपी हो या कांग्रेस, दोनों ही पार्टियों का रवैया इससे उलट ही है। बीजेपी, कांग्रेस और अन्य राजनीतिक दलों की ज्यादातर फंडिग अज्ञात स्रोतों से हो रही है। उन्हें फंडिंग कहां से हो रही है? कांग्रेस या बीजेपी ने इसका जवाब नहीं दिया है।
इकॉनमी में कैश में अहम हिस्सेदारी रखने वाले राजनीतिक दलों ने अपने कुछ दानदाताओं की जानकारी साझा नहीं की है। राजनीतिक दलों को मिलने वाले कुल चंदे में बीजेपी-कांग्रेस की हिस्सेदारी 80 फीसदी से भी ज्यादा है। 2014-15 में बीजेपी की आय 970 करोड़ और कांग्रेस की 765 करोड़ रुपए रही।