मुंबई के कांजुरमार्ग में मेट्रो कारशेड के निर्माण को लेकर हाईकोर्ट से झटका मिलने के बाद बुलेट ट्रेन परियोजना को लेकर उद्धव ठाकरे की महाविकास आघाड़ी सरकार और केंद्र सरकार के बीच टकराव बढ़ सकता है। मुंबई से सटे ठाणे महानगरपालिका में सत्तासीन शिवसेना ने बुलेट ट्रेन के लिए जमीन हस्तांतरण के प्रस्ताव को रद्द कर दिया है। दूसरी ओर बाढ़वण बंदरगाह को लेकर भी शिवसेना ने विरोधी रूख अपनाया है।
पालघर जिले में प्रस्तावित बाढ़वण बंदरगाह सागरमाला परियोजना का हिस्सा है। मुंबई से करीब 140 किमी दूर बाढ़वण बंदरगाह को फरवरी में मंजूरी दी गई थी। इस पर कुल 65,544.54 करोड़ रुपये की लागत आएगी। यह देश का 13वां प्रमुख बंदरगाह होगा। वधावन बंदरगाह को 'लैंड लॉर्ड मॉडल' पर विकसित किया जाने वाला है।
यह बंदरगाह परियोजना जवाहरलाल नेहरू पत्तन न्यास (जेएनपीटी) सबसे बड़ा साझेदार होगा, जिसके पास 51 फीसदी से अधिक हिस्सेदारी होगी। इस बंदरगाह के बनने से जेएनपीटी का भार कम होगा और करीब 90 फीसदी कंटेनर्स का परिवहन बाढ़वण बंदरगाह से ही होगा। इससे बड़े पैमाने पर रोजगार का सृजन भी होगा।