देश में अनचाहे गर्भ से बचने के लिए लोग कई तरह की गर्भ निरोधक उत्पाद इस्तेमाल कर रहे हैं। हाल में एक सर्वे से पता चला कि मुंबई में कंडोम का इस्तेमाल दोगुना हो गया है। वहीं नसबंदी व गर्भ निरोधक गोलियों के इस्तेमाल में गिरावट आई है। हालांकि, अब भी दस पुरुषों में से सिर्फ दो ही कंडोम का इस्तेमाल कर रहे हैं। नेशनल हेल्थ सर्वे में यह बात सामने आई है।
नेशनल हेल्थ सर्वे के मुताबिक, पिछले पांच सालों में बर्थ कंट्रोल के लिए होने वाले उत्पादों में से कंडोम का इस्तेमाल सबसे अधिक बढ़ा है। इसके विपरीत गर्भ निरोधक गोलियां, नसंबदी समेत अन्य उत्पादों का इस्तेमाल घटा है। इस पर विशेषज्ञों का मानना है कि परिवार नियोजन में पुरुषों का रोल बढ़ा है। पॉपुलेशन काउंसिल ऑफ इंडिया के सदस्य डॉ. राजीव आर्चाय ने बताया कि यह सर्वे 22 राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के शहरी और ग्रामीण दोनों इलाकों में किया गया है।
मुंबई में इन उत्पादों के इस्तेमाल में कमी आई
इस सर्वे के मुताबिक, देश में परिवार नियोजन संबंधित उत्पादों का इस्तेमाल 2015-16 में 59.6 प्रतिशत था। वहीं अब यह बढ़कर 74.3 फीसदी हो गया है। मुंबई में कंडोम का इस्तेमाल करने वालों की दर वर्ष 2015-16 की रिपोर्ट में 11.7 फीसदी थी जोकि बढ़कर अब 18.1 फीसदी हो गई है। वहीं गर्भ निरोधक दवाएं समेत अन्य उत्पादों के इस्तेमाल की दर तब 47 फीसदी था, जो अब घटकर 36.1 फीसदी रह गई है। विशेषज्ञ मानते हैं कि गर्भ निरोधक गोली के इस्तेमाल में कमी इसके साइड इफेक्ट्स (खासकर वजन बढ़ना) की वजह से आई है।
सर्वे में पाया गया कि मुंबई के उपनगरों में कंडोम का इस्तेमाल 8.9 से बढ़कर 18 फीसदी हो गया है। जबकि एक सच यह भी है कि मुंबई में अब भी सिर्फ 10 में से दो पुरुष ही कंडोम का इस्तेमाल कर रहे हैं। अगर पूरे महाराष्ट्र के आंकड़ों की बात करें, तो उसमें भी बहुत ज्यादा बदलाव देखने को नहीं मिला है। महाराष्ट्र में कंडोम का यूज 7.1 फीसदी से बढ़कर 10 फीसदी हो गया है।
डॉ. आचार्य ने बताया कि देश भर में बर्थ कंट्रोल को लेकर लोग जागरूक हुए हैं। वहीं 18 वर्ष कम उम्र की लड़कियों की शादियों में कमी दर्ज की है।