फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आईसीयू में वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, हालत में कोई सुधार नहीं

Fri, 14 Aug 2020 11:14 AM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
प्रणब मुखर्जी (फाइल फोटो) - फोटो : एएनआई
विज्ञापन

पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की हालत में अभी भी कोई सुधार नहीं आया है। वह दिल्ली के सैन्य रिसर्च एवं रेफरल (आर एंड आर) अस्पताल में भर्ती हैं। शुक्रवार की सुबह अस्पताल ने कहा, 'प्रणब मुखर्जी की हालत में कोई बदलाव नहीं आया है। वह आईसीयू में भर्ती हैं और वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं।'

विज्ञापन

 

इससे एक दिन पहले यानी गुरुवार को मुखर्जी के बेटे अभिजीत ने कहा था कि उन पर इलाज का असर हो रहा है और उनकी हालत स्थिर है। बता दें कि गुरुवार को प्रणब मुखर्जी का निधन होने की कई अफवाहें फैल गई थीं, जिसे लेकर सांसद अभिजीत मुखर्जी ने नाराजगी जताई थी। 


बता दें कि 84 वर्षीय प्रणब मुखर्जी को 10 अगस्त को यहां सेना के रिसर्च एंड रेफरल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यहां चिकित्सीय जांच में सामने आया कि उनके मस्तिष्क में एक बड़ा सा थक्का है, जिसके बाद उनकी मस्तिष्क की सर्जरी की गई थी। कोविड-19 जांच में उनके संक्रमित होने की भी पुष्टि हुई थी।

निधन की अफवाहों पर बेटे अभिजीत ने जताई नाराजगी

प्रणब मुखर्जी के निधन की अफवाहों को लेकर अभिजीत मुखर्जी ने ट्वीट किया था, ‘मेरे पिता श्री प्रणब मुखर्जी अब भी जिंदा है और ‘हेमोडायनामिक’ तौर पर स्थिर हैं।’ उन्होंने लिखा, ‘कई वरिष्ठ पत्रकारों के सोशल मीडिया पर गलत खबरें फैलाने से स्पष्ट हो गया है कि भारत में मीडिया फर्जी खबरों की एक फैक्टरी बन गई है।’

विज्ञापन


उन्होंने यह भी लिखा, ‘‘जब मैं देखता हूं कि भारत में कोरपोरेट मीडिया घराने, कुछ पत्रकारों और सोशल मीडिया पर लोग सुर्खियों में रहने के लिए जानबूझकर फर्जी खबरों का धंधा करने लगते हैं तो मेरा सिर शर्म से झुक जाता है। एक ही झटके में एक जीवित व्यक्ति को मृत बनाने के लिए कितना गिर जाते हैं वे।’’

मुखर्जी की बेटी एंव कांग्रेस नेता शर्मिष्ठा मुखर्जी ने भी ट्वीट किया, 'मेरे पिता के बारे में आ रही खबरें गलत हैं। मैं विशेषकर मीडिया से अनुरोध करती हूं, कि मुझे फोन न करें.... ताकि अस्पताल से कोई भी अद्यतन जानकारी आने के समय मेरा फोन ‘बिजी’ ना हो।' बता दें कि मुखर्जी 2012 से 2017 तक भारत के राष्ट्रपति रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें