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Tax Slab: देश की सियासत को नया मोड़ देगी आयकर में मिली रियायत, राजनीति और अर्थनीति में संतुलन बैठाने की कोशिश

Thu, 02 Feb 2023 06:20 AM IST
देव कश्यप अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।

सार

कोरोना काल और वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बीच मोदी सरकार ने मध्य वर्गीय परिवारों और आयकर-दाताओं के चेहरों पर सालों बाद मुस्कान लौटा दी है। बीते पांच-छह सालों से मध्य वर्गीय करदाता जो मोदी सरकार से कुछ पाने की आस लगाकर बैठा था उसे आयकर की नई-पुरानी प्रणाली के झंझटों और उलझाव से मुक्ति मिलेगी। उसे टैक्स से राहत के साथ फाइल करना अब और भी आसान होगा।
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आम बजट पेश करने से पहले निर्मला सीतारमण ने राष्ट्रपति मुर्मू से की मुलाकात। - फोटो : ANI
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विस्तार
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बहुप्रतीक्षित आयकर में रियायत देश की सियासत को नया मोड़ देगी। मोदी सरकार ने अपने इस कार्यकाल के आखिरी पूर्ण बजट में उन सभी वर्गों तक पहुंचने की कोशिश की है जिनकी 2024 के लोकसभा चुनाव में बड़ी भूमिका रहने वाली है। मोदी सरकार के इस बजट में अर्थनीति के ढांचे को मजबूती देने के साथ देश की राजनीति को बदलने में भी संतुलन बैठाया गया है।

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कोरोना काल और वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बीच मोदी सरकार ने मध्य वर्गीय परिवारों और आयकर-दाताओं के चेहरों पर सालों बाद मुस्कान लौटा दी है। बीते पांच-छह सालों से मध्य वर्गीय करदाता जो मोदी सरकार से कुछ पाने की आस लगाकर बैठा था उसे आयकर की नई-पुरानी प्रणाली के झंझटों और उलझाव से मुक्ति मिलेगी। उसे टैक्स से राहत के साथ फाइल करना अब और भी आसान होगा। सरकार ने पिछले कुछ सालों में जीएसटी के माध्यम से अप्रत्यक्ष कर का ढांचा बदला है उसी प्रकार अब बारी प्रत्यक्ष कर के ढांचे को दुरुस्त करने की है जिससे आम लोग प्रभावित हैं।

कारीगर, शिल्पकारों के हुनर को सहायता देने की घोषणा से उन्हें अपनी पारंपरिक कला को आगे बढ़ाने का अवसर और प्रोत्साहन मिलेगा। सरकार इसके जरिये बहुत बड़ी अछूती आबादी तक अपनी पैठ बनाना चाहती है। छोटे-छोटे कारीगर और शिल्पकारों  की मदद के साथ उनकी कला को दुनिया के पटल पर रखकर उन्हें नया मुकाम देना चाहती है।
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ग्रामीण मतदाताओं पर विशेष ध्यान
सरकार ने ग्रामीण इलाकों को जोड़ने के लिए बुनियादी ढांचे में मजबूती की कई योजनाओं को आगे बढ़ाने का काम किया है जिससे दूर दराज इलाकों में भी रोजगार सृजित हो सके। रेलवे को भले ही आम बजट का हिस्सा बना दिया गया हो लेकिन 2014 में उसके हिस्से जो बजट आवंटित हुआ था इस बार उसका नौ गुना है। हाई-वे, एक्सप्रेस-वे के साथ गांवों तक सड़कों का जाल बिछाने के लिए आवंटित रकम बढ़ाई गई है जो स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ाएगी। गांवों के विकास, किसानों को कर्ज और सहकारिता पर जोर देकर ग्रामीण क्षेत्र के मतदाताओं का खास ध्यान रखा है। शहर की पार्टी के दायरे से ग्रामीण मतदाताओं में पैठ बनाने के साथ-साथ 2024 का रास्ता भी निकाला गया है।

महिला सम्मान बचत योजना से बढ़ेगी ‘शक्ति’
बजट में नई घोषणाएं और रियायत के केंद्र में युवा और किसान के साथ खासकर महिलाओं को कई तरह से जोड़ा गया है। मोदी सरकार के पिछले बजट पर गौर करें तो महिलाओं को लेकर 8 से 9 साल में कई योजनाओं को बल मिला है। महिला सम्मान बचत योजना उस सवाल का जवाब भी है जो नोटबंदी के बाद अक्सर महिलाओं के दिलो-दिमाग पर रहा। सरकार ने महिलाओं की बचत की आदत को ध्यान में रखकर इस योजना से छवि को बदलने का कदम उठाया है। सरकार की बजट घोषणाओं को अगर भाजपा के राजनीतिक रणनीत और नए मतदाताओं से जोड़कर देखा जाए तो 2024 की बिसात पर पार्टी ने अपने मोहरे बिछा दिए हैं। नौ राज्यों में विधानसभा चुनाव हैं ऐसे में सरकार कई धारणाओं को तोड़ती दिख रही है। नौकरीपेशा लोगों के बीच एक धारणा बनती जा रही थी कि उनसे लिए जा रहे आयकर लाभ दूसरों को मिलता है। सरकार ने राहत दी है।

आमदनी के साथ खरीदारी पर जोर
बजट में मुफ्त की रेवड़ियां बांटने की कोशिश न कर सरकार ने अर्थव्यवस्था में ढांचागत मजबूती देने की कोशिश की है। इससे नए रोजगार के अवसर बनेंगे। दस लाख करोड़ के पूंजीगत निवेश से विकास योजनाओं को मजबूती मिलेगी। लोगों की आमदनी बढ़ने के साथ खरीदारी की क्षमताओं में बढ़ोतरी होगी। ऐ­सा होने से शिथिल पड़े उत्पादन क्षेत्र में रौनक के साथ रोजगार भी लौटेगा, जो अनिश्चय के दौर से गुजर रहे युवाओं को सीधे तौर पर आकर्षित करेगा।

ग्रामीण मतदाताओं पर विशेष ध्यान
सरकार ने ग्रामीण इलाकों को जोड़ने के लिए बुनियादी ढांचे में मजबूती की कई योजनाओं को आगे बढ़ाने का काम किया है जिससे दूर दराज इलाकों में भी रोजगार सृजित हो सके। रेलवे को भले ही आम बजट का हिस्सा बना दिया गया हो लेकिन 2014 में उसके हिस्से जो बजट आवंटित हुआ था इस बार उसका नौ गुना है। हाई-वे, एक्सप्रेस-वे के साथ गांवों तक सड़कों का जाल बिछाने के लिए आवंटित रकम बढ़ाई गई है जो स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ाएगी। गांवों के विकास, किसानों को कर्ज और सहकारिता पर जोर देकर ग्रामीण क्षेत्र के मतदाताओं का खास ध्यान रखा है। शहर की पार्टी के दायरे से ग्रामीण मतदाताओं में पैठ बनाने के साथ-साथ 2024 का रास्ता भी निकाला गया है।

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