कर्नाटक सरकार ने राज्य में कोविड-19 के मामले तेजी से बढ़ने के बीच शनिवार को बंगलूरू के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में 14 जुलाई से एक सप्ताह के लिए पूर्ण लॉकडाउन की घोषणा की। मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा ने एक बयान में कहा, ‘राज्य में रोजाना कोविड-19 के मामले तेजी से बढ़ने के बीच विशेषज्ञों की सलाह के आधार पर बंगलूरू शहर और बंगलूरू ग्रामीण में 14 जुलाई, मंगलवार रात आठ बजे से 22 जुलाई सुबह पांच बजे तक एक सप्ताह का पूर्ण लॉकडाउन लागू रहेगा।’
बयान के अनुसार इस अवधि में अस्पताल की सुविधाएं, किराना, दूध, सब्जी, दवाएं और दैनिक उपयोग की अन्य जरूरी वस्तुएं उपलब्ध रहेंगी। इसमें बताया गया कि पहले से निर्धारित मेडिकल परीक्षा भी आयोजित की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने लोगों से लॉकडाउन के दौरान घरों में ही रहकर कोविड-19 से निपटने में सहयोग करने का आह्वान करते हुए कहा, ‘जरूरी सामान खरीदने जाते समय सामाजिक दूरी बनाकर रखें, मास्क पहनें और लॉकडाउन से संबंधित सभी दिशानिर्देशों का पालन करें।’
शिलांग भी लॉकडाउन
मेघालय में एक दिन में कोविड-19 के सर्वाधिक 76 नए मामले सामने आने के बाद राज्य सरकार ने राजधानी शिलांग में सोमवार से दो दिनों के लिए पूर्ण लॉकडाउन की घोषणा की है। मुख्यमंत्री कोनराड के संगमा ने कहा कि यह निर्णय कोरोना वायरस के प्रसार को नियंत्रित करने और कोरोना वायरस को लेकर जारी दिशानिर्देशों के प्रति लोगों की गंभीरता सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है। शनिवार को राज्य में संक्रमण के 76 नए मामलों की पुष्टि हुई जिसके बाद संक्रमण के कुल मामले बढ़कर 312 हो गए। अधिकारियों के अनुसार फिलहाल 215 मरीजों का इलाज चल रहा है।
नगालैंड में लॉकडाउन 31 जुलाई तक बढ़ाने का निर्णय
नगालैंड सरकार ने राज्य में जारी लॉकडाउन को 31 जुलाई तक बढ़ाने तथा बाद में कोविड-19 की जांच और पृथक केंद्रों में रहने के लिए शुल्क वसूलने का निर्णय किया है। राज्य में जारी लॉकडाउन 16 जुलाई को हटाया जाना था, लेकिन शुक्रवार को कोविड-19 संबंधी उच्चाधिकार समिति (एचपीसी) की एक बैठक में इसे और 15 दिन के लिए बढ़ाने का निर्णय लिया गया।
कोविड-19 पर सरकार के प्रवक्ता और योजना एवं समन्वय मंत्री एन. क्रोनू ने बताया कि मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो की अध्यक्षता वाली एचपीसी ने राज्य में मौजूदा उपायों और कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों की समीक्षा के बाद यह निर्णय लिया। शुक्रवार तक नगालैंड में कोविड-19 के 428 मरीजों का इलाज चल रहा था, जबकि 304 मरीज ठीक हो गए हैं।
क्रोनू ने कहा कि एचपीसी ने सरकारी अस्पतालों में कोविड-19 की जांच और संस्थागत पृथक केंद्रों में रहने के लिए भी लोगों से शुल्क वसूलने का निर्णय किया। हालांकि, उन्होंने कहा कि नि:शुल्क जांच और बिना किसी शुल्क के पृथक केंद्रों में रहने की वर्तमान व्यवस्था लॉकडाउन की विस्तारित अवधि तक जारी रहेगी। मंत्री ने कहा कि दरें बाद में तय की जाएंगी, लेकिन वे न्यूनतम होंगी।
उन्होंने कहा कि सरकार ने राज्य में कोविड-19 महामारी से लड़ने के लिए एकल मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी करने का फैसला किया है, क्योंकि विभिन्न प्राधिकारियों द्वारा जारी किए गए विभिन्न एसओपी को लेकर भ्रम की स्थिति है।
इस बीच, प्रमुख सचिव (गृह) अभिजीत सिन्हा ने कहा कि एचपीसी ने अधिकारियों को राज्य में स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त डॉक्टरों और नर्सों की भर्ती के लिए प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया है।