महिला आरक्षण से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक को लेकर मुंबई में भाजपा की रैली के कारण यातायात जाम होने पर महाराष्ट्र के मंत्री गिरीश महाजन को भला-बुरा कहने वाली महिला के मामले में मुंबई पुलिस ने बयान जारी किया है। शुक्रवार शाम एक्स हैंडल पर जारी एक पोस्ट में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज किए जाने से इनकार किया। पुलिस ने सूचनाओं की पुष्टि के बाद ही खबरें प्रकाशित करने की अपील भी की।
गलत जानकारी फैलाने से बचने की अपील
मुंबई पुलिस के बयान में लिखा गया, 'महिला के खिलाफ कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। हम आपसे और सभी से अनुरोध करते हैं कि सोशल मीडिया पर पोस्ट करने से पहले आधिकारिक माध्यम से तथ्यों की पुष्टि करें और गलत जानकारी फैलाने से बचें।'
वकील की बेटी ने शिकायत दर्ज कराई
इससे पहले आई खबरों में दावा किया गया था कि महिला के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है। रिपोर्ट्स में पुलिस के हवाले से कहा गया कि शिकायत बुधवार को वर्ली थाने में अधिवक्ता गुणरत्न सदावर्ते की बेटी जेन सदावर्ते ने दर्ज कराई। यह घटना मंगलवार को वर्ली के पॉश इलाके में भाजपा द्वारा आयोजित एक रैली के दौरान हुई। यह रैली लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण को शीघ्र लागू करने संबंधी संविधान संशोधन विधेयक के पारित नहीं होने पर विपक्षी दलों को निशाना बनाने के लिए आयोजित की गई थी।
रैली के दौरान मंगलवार को जब महाराष्ट्र के मंत्री गिरीश महाजन पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे, तभी एक नाराज महिला ने उनसे बहस करते हुए सड़क जाम करने और यात्रियों को असुविधा पहुंचाने पर कड़ी आपत्ति जताई। महिला कहा, यहां से चले जाइए, आप यातायात जाम कर रहे हैं।
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महिला पर अपशब्दों के इस्तेमाल का आरोप
इसके साथ ही उसने यह भी पूछा कि रैली पास के खुले मैदान में क्यों नहीं आयोजित की जा सकती थी। अपनी शिकायत में सदावर्ते ने कहा कि महिला ने हंगामा किया, अपशब्दों का प्रयोग किया, रैली में बाधा डाली और सार्वजनिक अशांति फैलाई। उन्होंने पत्रकारों से कहा, इस देश में मेहनती पुलिस अधिकारियों, जन प्रतिनिधियों, संविधान और संवैधानिक तंत्र का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।सदावर्ते ने पुलिस से महिला के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की प्रासंगिक धाराओं में मामला दर्ज करने का अनुरोध किया।
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हद तक जायज था गुस्सा- मंत्री
गौरतलब है कि इससे पहले, मंत्री महाजन ने कहा था कि महिला का गुस्सा कुछ हद तक जायज था, लेकिन उनकी भाषा अनुचित थी। उन्होंने उसके खिलाफ किसी कानूनी कार्रवाई से इनकार किया था। मुंबई की महापौर रितु तावड़े ने रैली के कारण यात्रियों को हुई असुविधा पर खेद व्यक्त किया था। पुलिस ने नियमों के कथित उल्लंघन के आरोप में रैली आयोजकों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।