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SC-ST केस: 19 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल करेंगे शिकायतकर्ता भास्कर गायकवाड़

Tue, 03 Apr 2018 07:53 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
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एससी/एसटी केस जिस पर सोमवार को भारत बंद रहा, उसके मुख्य शिकायतकर्ता भास्कर गायकवाड़ ने कभी नहीं सोचा था कि यह कानूनी जंग इतना बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनेगी। पुणे के सरकारी कॉलेज के 53 वर्षीय कर्मचारी भास्कर गायकवाड़ ने कहा, केंद्र सरकार से निरपेक्ष वह 19 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल करने जा रहे हैं। 

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सुप्रीम कोर्ट ने बीस मार्च को अपने फैसले में एससी/एसटी एक्ट के कुछ प्रावधान कम कठोर कर दिए हैं। गायकवाड़ ने इस मुद्दे पर हो रही राजनीति पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, मैं सरकारी कर्मचारी हूं। मैं इसके राजनीतिक पक्ष पर कुछ नहीं कह सकता हूं। मैं इस घटनाक्रम को राजनीतिक रूप से नहीं देखता हूं। उन्होंने बताया, वह कराड के फार्मेसी कॉलेज में स्टोर कीपर थे। 

उनका आरोप है कि उनके वरिष्ठों ने कुछ फर्जी दस्तावेज तैयार करने को कहा। इनकार करने पर कॉलेज के ऊंची जाति के लोगों ने उनकी कांफिडेंशियल रिपोर्ट में नकारात्मक टिप्पणी कर दी। उन्होंने 2009 में महाराष्ट्र सरकार के तकनीकी शिक्षा के ज्वाइंट डायरेक्टर सुभाष महाजन के साथ शिकायत दर्ज की। पर उन्हें महाजन से कोई मदद नहीं मिली तो उनके खिलाफ भी शिकायत दर्ज करा दी। 
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इसके खिलाफ महाजन अदालत गए और एफआईआर रद्द करने की मांग की। गायकवाड़ की मानें तो, पूरी सुनवाई के दौरान राज्य के तंत्र ने महाजन का साथ दिया। इसके बाद महाजन सुप्रीम कोर्ट पहुंचे तो सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया कि कोई सरकारी कर्मचारी गिरफ्तार नहीं होना चाहिए और निजी नागरिक भी जांच के बाद गिरफ्तार किया जाए। 

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