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विमानन सेक्टर में बढ़ेगा मुकाबला: देश में पांच बड़ी एयरलाइंस की जरूरत; जानिए क्यों मंत्री ने कही ये बात

Tue, 22 Sep 2026 07:09 PM IST
राहुल कुमार डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

आगामी त्योहारी सीजन में हवाई किराए पर सरकार कोई अधिकतम सीमा तय नहीं करेगी। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के.राममोहन नायडू ने मंगलवार को कहा, एयरलाइंस से किराया उचित रखने को कहा जाएगा, ताकि त्योहारों के दौरान यात्रियों पर ज्यादा बोझ न पड़े।
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के. राममोहन नायडू, केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री - फोटो : ANI
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विस्तार
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भारतीय विमानन क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए ज्यादा एयरलाइंस को बढ़ावा देने की जरूरत है। नागर विमानन मंत्री के. राममोहन नायडू ने कहा कि देश के एविएशन मार्केट में कम से कम पांच एयरलाइंस होनी चाहिए। हर एयरलाइन के पास 100 से ज्यादा विमानों का बेड़ा हो, ताकि वह बड़े स्तर पर सेवाएं दे सके।

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मंत्री ने नए एयरलाइन ऑपरेटरों और क्षेत्रीय कंपनियों को बढ़ावा देने पर जोर दिया। ज्यादा एयरलाइंस आने से यात्रियों के पास उड़ानों के विकल्प बढ़ेंगे। साथ ही कंपनियों के बीच मुकाबला बढ़ने से किराए को प्रतिस्पर्धी रखने का दबाव भी बढ़ सकता है।

दरअसल, केंद्र सरकार उड़ान योजना के जरिए छोटे शहरों को हवाई सेवा से जोड़ने और नए ऑपरेटरों को बढ़ावा देने पर काम कर रही है। छोटे और क्षेत्रीय एयरलाइंस के विस्तार के लिए राज्य सरकारों की मदद को भी जरूरी बताया गया है। विमानन क्षेत्र में ज्यादा कंपनियों की मौजूदगी से यात्रियों को अलग-अलग एयरलाइंस और उड़ानों के बीच विकल्प मिलेंगे। इससे किराए और सेवाओं को लेकर कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ सकती है।
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त्योहारी सीजन में हवाई किराए पर कैप नहीं लगाएगी सरकार
आगामी त्योहारी सीजन में हवाई किराए पर सरकार कोई अधिकतम सीमा तय नहीं करेगी। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के.राममोहन नायडू ने मंगलवार को कहा, एयरलाइंस से किराया उचित रखने को कहा जाएगा, ताकि त्योहारों के दौरान यात्रियों पर ज्यादा बोझ न पड़े। सरकार एयरलाइंस के साथ लगातार संपर्क में है। नियमित बैठक भी करती है। इनमें कंपनियों से त्योहारी सीजन में किराए उचित रखने को कहा जाता है। सरकार पहले भी त्योहारों और बड़े आयोजनों के दौरान एयरलाइंस से किराए को लेकर चर्चा करती रही है।

केंद्रीय मंत्री ने बताया, पश्चिम एशिया में जारी संकट के कारण एविएशन टर्बाइन फ्यूल की कीमत बढ़ी है। इससे एयरलाइंस की परिचालन लागत बढ़ी है। उन्होंने कहा कि मौजूदा किराए की स्थिति केवल त्योहारी सीजन की वजह से नहीं है। एयरलाइंस के किराए में एटीएफ की हिस्सेदारी करीब 40 से 43 फीसदी है। ऐसे में ईंधन की कीमत में थोड़ी बढ़ोतरी का असर सीधे हवाई टिकट के किराए पर पड़ता है।

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