दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एमसीडी चुनावों को लेकर यह घोषणा कर सबको चौंका दिया कि उनकी पार्टी अगर एमसीडी में सत्ता में आती है तो वो दिल्ली को लंदन की तरह चमका देंगे। केजरीवाल ने बेशक यह बयान चुनावी घोषणा के तौर पर दिया हो लेकिन हकीकत में यह नामुमकिन तो नहीं लेकिन मुश्किल जरूर नजर आता है।
दिल्ली और लंदन के बीच भौगोलिक रूप से जितनी दूरी है उतना ही अंतर दोनों शहरों की भौगोलिक संरचना और रहन सहन में भी नजर आता है। लंदन की प्रति व्यक्ति आय भी दिल्ली से कहीं ज्यादा है तो साफ सफाई के मामले में वो दुनियाभर के लिए नजीर साबित हो सकता है।
एतिहासिक रूप से लंदन को काफी पुराना शहर माना जाता है। लंदन की स्थापना पहली सदी में यानि 43 AD के आसपास रोमन लोगों ने की थी। टेम्स नदी के किनारे बसे लंदन को इंग्लैंड के साथ साथ यूरोप की आर्थिक राजधानी भी माना जाता है। वर्तमान में यह तीन हिस्सों में बंटा है, ग्रेटर लंदन, मेट्रो और अर्बन। इंग्लैंड की 73 कांस्टीट्यूएनसीज में से 14 अकेले लंदन में हैं। दिल्ली और लंदन के इसी अंतर पर डालते हैं एक निगाह।
प्रति व्यक्ति आय और जनसंख्या घनत्व के मामले में फिसड्डी है दिल्ली
-लंदन की कुल आबादी 86 लाख के करीब है, जबकि दिल्ली की कुल आबादी अब 1.9 करोड़ के करीब है।
-लंदन का कुल क्षेत्रफल 1,572 वर्ग किलोमीटर है जबकि दिल्ली की मात्र 42.7 वर्ग किलोमीटर।
-लंदन में प्रति व्यक्ति 36 वर्ग मीटर ग्रीन एरिया शेष बचा है जबकि दिल्ली में यह मात्र 2 वर्गमीटर प्रति व्यक्ति है।
-लंदन में एक किलोमीटर के क्षेत्र में मात्र 5518 व्यक्ति निवास करते हैं जबकि दिल्ली में इससे दोगुने से ज्यादा 11,297 व्यक्ति प्रति किलोमीटर एरिया में रहते हैं।
-लंदन की कुल जीडीपी 890 बिलियन पाउंड के करीब है, जबकि दिल्ली की 5.59 लाख करोड़ रुपये के करीब।
-लंदन की प्रति व्यक्ति आय 98 लाख रुपये प्रति व्यक्ति के करीब है जबकि दिल्ली में यह एक लाख रुपये प्रति व्यक्ति के आसपास है।
-कारों के मामले में भी दिल्ली लंदन से काफी आगे हैं, यहां एक हजार व्यक्तियों के पास 307 कारे हैं जबकि दिल्ली में इतने लोगों पर मात्र 131 कारें हैं।
-इतने वाहन होने के बावजूद भी लंदन में वायु प्रदूषण का इंडेक्स 56.58 है तो दिल्ली का 92.37 है। जबकि जल प्रदूषण के मामले में लंदन का इंडेक्स 31.5 है तो दिल्ली का 65.80 के करीब।
शिक्षा के मामले में भी दिल्ली से आगे है लंदन
-काफी संख्या में अपने वाहन होने के बावजूद भी लंदन में 45 फीसदी लोग सार्वजनिक वाहन सेवा का उपयोग करते हैं जबकि दिल्ली में यह आंकड़ा 40 फीसदी के करीब है।
-लंदन में तीन से ज्यादा एयरपोर्ट हैं जबकि दिल्ली में मात्र दो।
-लंदन में 20 से ज्यादा यूनिवर्सिटी हैं जिनमें ब्रूनेल और किंग्सटन यूनिवर्सिटी जैसे विश्वविख्यात शिक्षण संस्थान हैं। इसके अलावा इंपिरियल कॉलेज लंदन और
लंदन स्कूल ऑफ इकॉनोमिक्स जैसे बड़े कॉलेज भी हैं। जबकि दिल्ली में चार निजी विश्वविद्यालयों के अलावा चार केंद्रीय और पांच स्टेट यूनिवर्सिटी हैं।
-एक दौर में लंदन की टेम्स नदी भी दिल्ली की यमुना की तरह काफी मैली और प्रदूषित थी लेकिन सरकार की जीजिविषा और जनता के सहयोग से यह आज पूरी तरह प्रदूषण मुक्त है और यहां आने वाले पर्यटकों का विशेष स्थल भी है। जबकि दिल्ली की यमुना हजारों करोड़ रुपये खर्च होने के बाद भी अगले एक दशक तक साफ होने की उम्मीद नहीं है।