दरअसल शीर्ष अदालत ने पिछले हफ्ते इन पर पांच-पांच लाख रुपये जुर्माना लगाया था, जिसे नहीं चुकाने पर अब अतिरिक्त जुर्माना लगाया है। इस मामले पर अगली सुनवाई आठ अप्रैल को होगी।
जस्टिस एनवी रमना ने पांचों राज्यों पर पांच-पांच लाख का अतिरिक्त जुर्माना लगाया है। कई राज्यों ने जुर्माना माफ करने की गुहार भी लगाई थी, लेकिन पीठ ने इनकार कर दिया। केंद्र सरकार ने भी कहा है कि वह इस मामले में अतिरिक्त हलफनामा दाखिल करेगी।
सुप्रीम कोर्ट ने पिछले हफ्ते पाया था कि केवल सात राज्यों और संघ शासित प्रदेशों ने खाद्य सुरक्षा और सामुदायिक रसोई मामले में हलफनामा दिया था। ये राज्य हैं अंडमान निकोबार द्वीप समूह, कर्नाटक, पंजाब, उत्तराखंड, झारखंड, नगालैंड और जम्मू-कश्मीर। पीठ ने तब कहा था कि राज्य 24 घंटे के अंदर हलफनामा दे देंगे तो उन्हें केवल 1 लाख जुर्माना देना होगा, लेकिन जो ऐसा नहीं करेंगे उन्हें 5 लाख रुपये देने होंगे।
याचिका में कहा गया है कि पांच साल से छोटे कई बच्चों की भूख और कुपोषण से रोजाना मौत हो जाती है और यह विभिन्न मौलिक अधिकारों का हनन है।