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लॉकडाउन के बाद कोरोना का खतरा दूर करेगा कॉमन मोबिलिटी कार्ड, खत्म होगा टिकट का झंझट

Thu, 14 May 2020 06:24 AM IST
संजीव कुमार झा डिजिटल ब्यूरो,अमर उजाला ,ऩई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : amar ujala
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पब्लिक ट्रांसपोर्ट क्षेत्र में कोरोनावायरस संक्रमण के खतरे को दूर करने के लिए केंद्र और राज्य सरकारें 'कॉमन मोबिलिटी कार्ड सेवा' शुरु करने पर विचार कर रही हैं। हालांकि दिल्ली, अहमदाबाद और बंगलुरु जैसे कई मेट्रो सिटी में ये सेवा पहले से ही चल रही है। इस कार्ड का इस्तेमाल मेट्रो, बस, उप नगरीय रेलवे, टोल, पार्किंग, स्मार्ट सिटी और खुदरा दुकानों पर भी किया जा सकेगा। सोशल डिस्टेंसिंग के सभी नियमों में यह कार्ड फिट बैठता है।

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इस कार्ड से जब टिकट काउंटर की भीड़, कंडक्टर से लेनदेन और टोल या पार्किंग चार्ज का झंझट खत्म हो जाएगा तो उस स्थिति में कोरोना संक्रमण का खतरा भी कम होगा। केंद्र सरकार में ट्रांसपोर्ट विभाग के एक अधिकारी के अनुसार, सार्वजनिक परिवहन के मामले में कॉमन मोबिलिटी कार्ड आज सबसे उपयुक्त एवं सुरक्षित सेवा है।

कोरोना संक्रमण का सबसे ज्यादा डर भीड़ वाली जगह मसलन बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, टोल व पार्किंग आदि स्थानों पर ही रहेगा। कॉमन मोबिलिटी कार्ड का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसमें व्यक्ति संपर्क होने की गुंजाइश खत्म हो जाती है। एम्स के डॉक्टर राकेश गर्ग कहते हैं कि आने वाले समय में कोरोना संक्रमण की बड़ी वजह सोशल डिस्टेंसिंग का नियम टूटना हो सकती है। टिकट का लेनदेन, पैसा वापस लेना है, कंडक्टर खुले पैसा दे रहा है, आप नोट गिन रहे हैं, ऐसी स्थितियों में संक्रमण होने के पूरे चांस बने रहते हैं।
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अब किसी यात्री को क्या मालूम है कि कंडक्टर स्वस्थ है या नहीं। उसके पास जो कैश है, वो कितने लोगों के हाथ से गुजरा है। क्या वह सारा कैश या सिक्के सैनिटाइज किए गए हैं। ऐसे बहुत से सवाल हैं, जिन्हें सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने के दौरान ध्यान रखना होगा। दुनिया के अनेक बड़े शहरों में कॉमन मोबिलिटी कार्ड सेवा चल रही है। सिंगापुर, न्यूयार्क, पेरिस, सिडनी, पर्थ, लंदन और मेलबर्न जैसे अनेक शहरों में इस कार्ड का इस्तेमाल हो रहा है। ट्रांसपोर्ट महकमे के अधिकारी बताते हैं कि हमारे देश में टिकट लेने के लिए लोग कतार में एक दूसरे को धक्का मारते रहते हैं।

बिल्कुल एक दूसरे से सट कर खड़े होते हैं।ऐसे में सोशल डिस्टेंसिंग का सवाल ही नहीं उठता। इसके लिए बेहतर है कि कॉमन मोबिलिटी कार्ड सेवा शुरु की जाए। केंद्र ने सभी राज्यों से इस बारे में बातचीत की है।अधिकांश राज्यों का रूझान सकारात्मक है। इस कार्ड के इस्तेमाल से टिकट काउंटरों पर लगने वाली लंबी कतारों से निजात मिल सकेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मार्च में अहमदाबाद में 'वन नेशन वन कार्ड' सेवा की शुरुआत की थी।

यह कार्ड पुराने रुपे डेबिट या क्रेडिट कार्ड के जैसा ही है जिसे बैंक द्वारा जारी किया जाता है। खास बात है कि यह कार्ड पूरी तरह से कांन्टैक्ट लेस कार्ड होता है। यानी इस पर कोई व्यक्गित डिटेल नहीं होगी। यह कार्ड दिल्ली मेट्रो रेल के कार्ड जैसा होता है। इस कार्ड की मदद से बस, मेट्रो और दूसरे पब्लिक ट्रांसफोर्ट के भुगतान के अलावा शॉपिंग भी कर सकते हैं। पीएम मोदी ने इस कार्ड बाबत कहा था कि अब देश में 'एक देश-एक कार्ड' का सपना सच होने जा रहा है। इस नेशनल कॉमन मोबेलिटी कार्ड से आप पैसे भी निकाल पाएंगे।यह कार्ड यात्रा से जुड़ी तमाम दिक्कतों को दूर करेगा। 

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