अपने शपथ से पहले ही कुमारस्वामी ने कांग्रेस को विश्वास में लेते हुए दो बड़े ऐलान का मूड बना लिया है। कॉमन मिनिमम प्रोग्राम पर चर्चा करते हुए कुमारस्वामी ने कांग्रेस को इस बात के लिए राजी कर लिया है कि वो राज्य में गर्भवती महिलाओं को डिलीवरी से तीन महीने पहले और बाद तक प्रति माह 6,000 रुपये की सहयोग राशि देंगे। यही नहीं सार्वजनिक पेंशन के तौर पर भी वो वरिष्ठ नागरिकों को 6,000 रुपये का मासिक भत्ता देने के मूड में हैं।
दरअसल सोमवार को कुमारस्वामी दिल्ली में कांग्रेस के आला नेताओं से मिले थे। इसी दौरान उन्होंने ये मुद्दा उठाया था। कुमारस्वामी चुनाव से पहले ही अपने एजेंडे में इन योजनाओं को तय कर चुके थे। लेकिन तब क्या पता था कि इसके लिए उन्हें भविष्य में कांग्रेस का मुंह देखना पड़ेगा। हालांकि कांग्रेस ने कुमारस्वामी की इस बात को मानने में जरा भी देरी नहीं की है। सोमवार को दिल्ली में कुमारस्वामी ने राज्यसभा और कांग्रेस के कई नेताओं से इस संबंध में अपनी योजना को विस्तार से रखा था।
ये दोनों योजनाएं कुमारस्वामी के चुनावी घोषणापत्र का हिस्सा है। जो उन्होंने चुनाव से पहले तय किया था लेकिन अब कांग्रेस के समर्थन से सूबे की सत्ता चल रही है, ऐसे में देखना होगा कि आने वाले दिनों में क्या कांग्रेस-जेडीएस के बीच तमाम मुद्दों पर इसी तरह बात बनेगी या फिर किसी ना-नुकुर की स्थिति से दोनों दलों के रिश्ते टूट जाएंगे। बहरहाल अभी कांग्रेस ने भाजपा को रोकने की खातिर जेडीएस को भरोसा दिया है, देखना है कि कब तक वो इस भरोसे को कायम रख पाती है।