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Collegium: पूर्व CJI बोले- न्यायाधीशों की नियुक्ति का कॉलेजियम सिस्टम 'परफेक्ट मॉडल', इससे बेहतर कोई नहीं

Sat, 18 Feb 2023 06:05 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

पूर्व सीजेआई ने कहा, जब मामला सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम तक पहुंचता है, तो पूरी तरह से सही स्थिति होती है, चाहे नाम स्वीकार किया जाए या नहीं। ऐसा नहीं है कि यह किसी के द्वारा किया गया एक मनमौजी अभ्यास है। यह 'फुल प्रूफ' व्यवस्था है। 
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CJI UU Lalit - फोटो : ANI
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विस्तार
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पूर्व मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) न्यायमूर्ति यू यू ललित ने शनिवार को कहा कि न्यायाधीशों की नियुक्ति का कॉलेजियम सिस्टम एक 'परफेक्ट मॉडल' है जो 'फूल प्रूफ' है। न्यायमूर्ति ललित न्यायिक नियुक्ति एवं सुधारों पर आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि संवैधानिक अदालतों के न्यायाधीशों के लिए नामों की सिफारिश करने में एक कठोर प्रक्रिया शामिल होती है। 

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न्यायमूर्ति ललित ने कहा, मेरे हिसाब से हमारे पास कॉलेजियम सिस्टम से बेहतर कोई सिस्टम नहीं है। हमारे पास कॉलेजियम सिस्टम की तुलना में कुछ भी गुणवत्तापूर्ण कुछ भी नहीं है। स्वभाविक तौर पर हमें इसे इस दिशा में काम करना चताहिए ताकि कॉलेजियम सिस्टम जिंदा रहे। 

पूर्व सीजेआई ने कहा कि आज हम जिस मॉडल के हिसाब से काम करते हैं, वह एकदम सही मॉडल है। न्यायमूर्ति ललित नवंबर 2022 में सेवानित्त हुए थे। उन्होने कहा कि न्यायपालिका संभावित उम्मीदवारों के गुण-दोष पर फैसला लेने में बेहतर स्थिति में है, क्योंकि उन्होंने वर्षों से उनका काम देखा है।
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उन्होंने कहा, जब मामला सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम तक पहुंचता है, तो पूरी तरह से सही स्थिति होती है, चाहे नाम स्वीकार किया जाए या नहीं। ऐसा नहीं है कि यह किसी के द्वारा किया गया एक मनमौजी अभ्यास है। यह 'फुल प्रूफ' व्यवस्था है। कॉलेजियम सिस्टम से न्यायाधीश संवैधानिक अदालतों में न्यायाधीशों की नियुक्ति करते हैं। यह इन दिनों न्यायपालिका और सरकार के बीच विवाद का प्रमुख कारण बन गया है। 

कॉलेजियम सिस्टम पर जारी बहस के बीच उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने हाल ही में कहा था कि संसद के एक अधिनियम द्वारा स्थापित राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग (एनजेएसी) को खत्म करके सुप्रीम कोर्ट ने संसदीय संप्रभुता से गंभीर समझौता किया और लोगों के जनादेश की अवहेलना की।  

सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट में न्यायाधीशों की नियुक्ति के कॉलेजियम सिस्टम को पलटने की मांग करने वाले एनजेएसी कानून को शीर्ष कोर्ट ने असंवैधानिक करार देते हुए निरस्त कर दिया था। केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू अक्सर कॉलेजियम सिस्टम की आलोचना करते रहे हैं। 

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