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मथुरा से बढ़ी थी मुलायम और अखिलेश में टेंशन

Mon, 24 Oct 2016 05:06 AM IST
पुनीत शर्मा/अमर उजाला, मथुरा
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मुलायम सिंह यादव - फोटो : amar ujala
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सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के रिश्तों में आई कड़वाहट भले ही अब खुलकर सामने आई है, लेकिन इसकी शुरुआत तो सरकार बनते ही हो गई थी। मांट विधानसभा सीट के उपचुनाव में अखिलेश यादव ने अपने करीबी संजय लाठर को टिकट दिलवाया था, उस समय भी सपा मुखिया और शिवपाल सिंह यादव ने विरोध किया था। लेकिन उनके विरोध को नजरअंदाज कर अखिलेश यादव ने उन्हें टिकट दिलाया और करीब 12 मंत्रियों की टीम मांट सीट पर लगा दी थी। बाद में संजय लाठर की संगठन से भी छुट्टी हो गई थी, लेकिन अखिलेश ने फिर से वापसी कराई और उन्हें विधान परिषद में नामित कराया।
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बात 2012 में जयंत चौधरी ने मांट विधानसभा सीट से इस्तीफा दिया था। सीट खाली होने के बाद सपा ने यहां से युवजन सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. संजय लाठर को अपना प्रत्याशी बनाकर उतारा। संजय लाठर के समर्थन में प्रचार करने खुद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पहुंचे थे। बाजना में विशाल जनसभा की गई थी। इतना ही नहीं प्रदेश सरकार के बारह मंत्री यहां लगातार डेरा डाले रहे। हालांकि संजय लाठर चुनाव हार गए थे।

सपा के उच्च पदस्थ सूत्रों का कहना है कि मांट सीट हारने पर सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने गहरी नाराजगी जताई थी। यह भी कहा था कि पूरी सरकार लगाने के बाद भी सीट हार गए। बताया जाता है कि मुलायम सिंह यादव और शिवपाल सिंह यादव नहीं चाहते थे कि संजय लाठर को टिकट दिया जाए। मगर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव अड़ गए थे। 
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इसके बाद संजय लाठर को लेकर ऐसा मतभेद बढ़ा कि सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने संजय लाठर को वर्ष 2013 में युवजन सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से हटा दिया। लेकिन अखिलेश और संजय लाठर की दोस्ती बरकरार रही। अखिलेश यादव जब भी ब्रज में आते संजय लाठर उनके साथ ही रहते थे। इतना ही नहीं मई, 2016 को प्रदेश सरकार ने संजय लाठर को एमएलसी बना दिया। लेकिन शिवपाल सिंह यादव ने प्रदेश अध्यक्ष बनने के साथ ही संजय लाठर को पार्टी से निष्कासित कर दिया था। इसे लेकर भी चाचा-भतीजे में काफी टेंशन रही।     

मैं तो कुछ नहीं बोलूंगा
जब संजय लाठर से इस संबंध में फोन करके बात करने की कोशिश की गई तो उनका कहना था कि पार्टी ने कुछ भी कहने से इंकार किया है। लिहाजा मैं कुछ नहीं बोलूंगा। पार्टी का अनुशासित सिपाही हूं और रहूंगा।

सपा एक डूबता जहाज: श्रीकांत शर्मा
भाजपा के राष्ट्रीय सचिव श्रीकांत शर्मा ने कहा कि सपा तो खुद ही साफ हो जाएगी। इनके घर की कलह ही पार्टी को ले डूबी। अब तो इस पार्टी से जुड़ा हर व्यक्ति जान गया है कि सपा एक डूबता जहाज है जो कभी भी समाप्त हो सकता है। उन्होंने कहा कि सपा ने प्रदेश का बंटाधार कर दिया है। हर तरफ जंगलराज है। सरकार को अपने घरेलू झगड़े निपटाने से ही फुर्सत नहीं मिल रही है। कमजोर हुकूमत क्या देख सकती है। श्रीकांत शर्मा ने कहा कि सपा में अब भगदड़ मचेगी। चुनाव की तारीख घोषित होने से पहले ही पार्टी समाप्त हो जानी है।
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