उत्तर-पश्चिम भारत में सर्दी अब धीरे-धीरे विदाई की ओर बढ़ती नजर आ रही है। दिल्ली-एनसीआर समेत पूरे इलाके में दिन के तापमान में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। धूप की गर्माहट अब साफ महसूस होने लगी है। आमतौर पर फरवरी के दूसरे हिस्से में पारा बीस डिग्री तक पहुंचता है, लेकिन इस बार गर्मी का यह संकेत सामान्य से पहले ही दिखने लगा है। मौसम के इस बदले मिजाज को सर्दी की समय से पहले विदाई की शुरुआत माना जा रहा है।
तापमान में इस बढ़ोतरी के पीछे एक बड़ी वजह उत्तर-पश्चिम भारत और दिल्ली-एनसीआर में सर्दियों की बारिश का लगभग न के बराबर होना है। मैदानी इलाकों पर पश्चिमी विक्षोभ इस बार ज्यादा सक्रिय नहीं रहे। जिससे पूरे क्षेत्र में मौसम सामान्य से अधिक शुष्क बना रहा। दरअसल, जब सर्दियों में बादल और बारिश नहीं होती, तो दिन के समय तेज धूप सीधे जमीन को गर्म करती है और तापमान तेजी से ऊपर चढ़ने लगता है। यही कारण है कि इस बार ठंड का असर अपेक्षाकृत जल्दी कमजोर पड़ता नजर आ रहा है।
खत्म हो गया कड़ाके की सर्दी का दौर
भारत मौसम विज्ञान विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार 15 फरवरी तक दिल्ली का अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। तापमान धीरे धीरे 30 डिग्री सेल्सियस की ओर बढ़ रहा है, जो इस समय सामान्य से अधिक माना जा रहा है। जबकि न्यूनतम तापमान में भी लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। इसके 12 से 13 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। हालांकि रात के समय हल्की ठंडक बनी हुई है, लेकिन कड़ाके की सर्दी अब पूरी तरह खत्म होती नजर आ रही है।
निजी मौसम पूर्वानुमान एजेंसी स्काइमेट वेदर का अनुमान है कि, अगले 24 से 48 घंटों तक तापमान सामान्य से काफी ऊपर बना रह सकता है। इसके बाद उत्तर-पश्चिमी दिशा से ठंडी हवाएं चलने पर तापमान में हल्की गिरावट आने की संभावना है। हालांकि यह गिरावट ज्यादा नहीं होगी और ज्यादा दिनों तक टिकेगी भी नहीं। कुल मिलाकर उत्तर-पश्चिम भारत में सर्दी अब खत्म होने की ओर है। हालांकि बीच में हल्की ठंड लौट सकती है, लेकिन सर्दी की वापसी के आसार बेहद कम हैं।
17-18 फरवरी को मौसम हो सकता है सुहावना
एजेंसी का अनुमान है,राजधानी में अगले 3 से 4 दिनों तक तापमान सामान्य से ऊपर बना रह सकता है। हालांकि अगले 24 घंटों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में हल्की गिरावट आने की संभावना है। पश्चिमी विक्षोभ के गुजरने के दौरान 13 से 16 फरवरी के बीच सतही स्तर पर तेज हवाएं चल सकती हैं। वहीं 12 और 13 फरवरी को आसमान में हल्के, पतले बादल छाए रहने के आसार हैं। आमतौर पर फरवरी सर्दियों का सबसे ज्यादा बारिश वाला महीना माना जाता है, लेकिन इस बार अब तक मौसम सूखा ही रहा है। इस सप्ताह बारिश की संभावना नहीं है। हल्की बारिश या बूंदाबांदी की पहली संभावना 17 और 18 फरवरी 2026 के आसपास बन सकती है।
दरअसल, 12-13 फरवरी और 16 से 18 फरवरी 2026 के बीच उत्तर भारत में दो पश्चिमी विक्षोभ तेजी से एक के बाद एक सक्रिय होने वाले हैं। पहला सिस्टम कमजोर माना जा रहा है और इसका असर मुख्य रूप से मध्य और ऊंचाई वाले पहाड़ी इलाकों तक ही सीमित रह सकता है। वहीं दूसरा पश्चिमी विक्षोभ अपेक्षाकृत ज्यादा मजबूत रहने की संभावना है। इसका असर पहाड़ों के साथ-साथ उत्तरी मैदानी क्षेत्रों के मौसम पर भी पड़ सकता है। यानी दूसरे सिस्टम के दौरान मौसम में ज्यादा बदलाव देखने को मिल सकता है।
तेजी से बढ़ा है दिल्ली का तापमान
पिछले 24 घंटों में दिल्ली में तापमान में तेज उछाल दर्ज किया गया है। बेस स्टेशन सफदरजंग में 10 फरवरी को अधिकतम तापमान 28.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ, जो सामान्य से करीब 5.2 डिग्री ज्यादा है। वहीं न्यूनतम तापमान 13.2 डिग्री रहा, जो औसत से लगभग 3 डिग्री अधिक दर्ज किया गया। यह अधिकतम तापमान पिछले 100 दिनों में सबसे ज्यादा है। इससे पहले इतना ही तापमान 7 नवंबर 2025 को रिकॉर्ड किया गया था। इसी तरह न्यूनतम तापमान 13.2 डिग्री भी 5 नवंबर 2025 के बाद सबसे अधिक है। हालांकि जनवरी के आखिर और फरवरी 2026 के पहले हफ्ते में भी कई दिनों तक न्यूनतम तापमान डबल डिजिट में यानी 10 से 11 डिग्री के बीच दर्ज किया गया था।