पर्वतीय इलाकों में हुई बर्फबारी व बारिश से पहाड़ों के साथ ही मैदानों में भी पारे में भारी गिरावट दर्ज की गई है। बृहस्पतिवार को उत्तर पश्चिमी हवाओं के चलते मैदानी इलाकों में हाड़ गलाने वाली हवाओं का कहर जारी रहा। ठंड का आलम यह है कि उत्तर प्रदेश में कई स्थानों पर रिकॉर्ड तोड़ते हुए पारा चार डिग्री से नीचे रिकार्ड किया गया। ठंड के चलते उत्तर प्रदेश में 15 लोगों की मौत की सूचना है। गिरते पारे के साथ ही किसान परेशान होने लगे हैं। वहीं किसानों के मुताबिक आलू, मटर, सरसों की फसलें प्रभावित हो गई हैं।
सर्द हवाओं से गलन बढ़ी हुई है। हालांकि पिछले दो दिनों से तेज धूप खिल रही है लेकिन सर्द हवाओं के आगे धूप पस्त नजर आ रही है। लोगों को घरों के बाहर और भीतर ठिठुरन का अहसास हो रहा है। ठंड के चलते प्रदेश में नौ लोगों की मौत हो गई। कानपुर में न्यूनतम पारा लुढ़ककर 2 डिग्री सेल्सियस आ गया। यह सामान्य (10 डिग्री) से करीब आठ डिग्री कम है। उत्तर-पश्चिम की हवाओं की गति बृहस्पतिवार को 4.4 किलोमीटर रही। इससे मैदानी क्षेत्रों में गलन बढ़ गई।
भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक 13-18 जनवरी तक न्यूनतम पारा 4-6 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। 16 जनवरी से बादल छाने के अनुमान हैं। कड़ाके की ठंड में 24 घंटे के अंदर शहर और देहात में 12 लोगों की मौत हो गई। वहीं अलीगढ़ में दो और हाथरस में एक मौत की खबर है। अलीगढ़ में बृहस्पतिवार को न्यूनतम पारा चार डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
उधर, सहारनपुर का न्यूनतम तापमान शून्य से थोड़ा बढ़कर 0.5 डिग्री सेल्सियस रहा। यहां बुधवार को न्यूनतम तापमान शून्य डिग्री सेल्सियस था। बिजनौर और बागपत में लगातार पाला पड़ने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई। बिजनौर में न्यूनतम तापमान 1.2 और बागपत में 2.2 डिग्री रहा। ठंड ने मेरठ में 15 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया।
वहीं मौसम कार्यालय के मुताबिक मेरठ में न्यूनतम तापमान 4.9 डिग्री दर्ज किया गया। इसके पहले 2003 में 12 जनवरी को न्यूनतम तापमान 6.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। उधर बृहस्पतिवार को आगरा में न्यूनतम तापमान 1.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बुधवार को यह 0.8 डिग्री सेल्सियस पर था। पाले के चलते गेहूं, आलू के साथ-साथ सरसों की फसल पर भी असर पड़ा है।