तमिलनाडु में आज 45 ठिकानों पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने एक साथ छापेमारी शुरू की। यह कार्रवाई कोयंबटूर में दिवाली के दिन पूर्व एक मंदिर के बाहर हुए कार बम धमाके को लेकर की जा रही है।
कार बम धमाके में कथित 'मानव बम' जमीशा मुबिन (29) की मौत हो चुकी है। गृह मंत्रालय ने मामले की जांच एनआईए को सौंपी है। कार में एलपीजी सिलेंडर फटा था। घटनास्थल से कीलें व कंचे व छर्रे मिले थे। इन्हें लेकर दावा किया गया कि ये सिलेंडर में भरने के बाद धमाके की बड़ी साजिश रची गई थी, लेकिन वह विफल रही। ये धमाका 23 अक्तूबर को अल सुबह हुआ था।
एनआईए के अधिकारियों ने तमिलनाडु पुलिस के साथ मिलकर गुरुवार को एक साथ 45 जगह छापेमारी शुरू की। ये कार्रवाई कोट्टामेडु, पोनविझा नगर, रथिनापुरी और उक्कदम जैसे इलाकों में बम धमाके की घटनाओं से संबंधित संदिग्धों के आवासीय परिसरों पर की जा रही है। केंद्रीय जांच एजेंसी एनआईए ने मामले में केस दर्ज करने के करीब 15 दिन बाद यह कार्रवाई की।
केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) के काउंटर टेररिज्म एंड काउंटर रेडिकलाइजेशन (सीटीसीआर) डिवीजन ने एक आदेश जारी कर मामले की जांच शुरू करने को कहा था। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन द्वारा मामले में एनआईए जांच की सिफारिश के एक दिन बाद यह आदेश जारी किया था। सीएम स्टालिन ने गृह मंत्रालय से सिफारिश की थी कि कोयंबटूर के उकडम इलाके में कार सिलेंडर विस्फोट से संबंधित मामले की जांच एनआईए को स्थानांतरित की जाए। इसके साथ ही उन्होंने तमिलनाडु पुलिस को कोयंबटूर में सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था।
अब तक छह गिरफ्तार
तमिलनाडु पुलिस ने इस धमाका मामले में अब तक आधा दर्जन से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है। इनके खिलाफ गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) लागू किया है। गिरफ्तार किए गए लोग विस्फोट में मारे गए जमीशा मुबीन के सहयोगी हैं। गिरफ्तार आरोपियों में मोहम्मद थलका (25), मोहम्मद असरुद्दीन (25), मुहम्मद रियाज (27), फिरोज इस्माइल (27), मोहम्मद नवाज इस्माइल (27) और मृतक के एक रिश्तेदार अफसर खान शामिल हैं। खान मृतक का चचेरा भाई है। कार विस्फोट से दो दिन पहले एसआईटी ने उसे हिरासत में लिया था। तमिलनाडु पुलिस ने छापेमारी में मुबिन के घर में विस्फोटक सामग्री जब्त की थी। मौके से 75 किलोग्राम पोटेशियम नाइट्रेट, चारकोल, एल्यूमीनियम पाउडर और सल्फर जब्त किया था। यह सामग्री विस्फोटक बनाने में काम आती है।
मुबिन के आतंकी संपर्क थे
यह धमाका मारुति 800 कार में हुआ था। एलपीजी सिलेंडर के बाद मुबिन संदिग्ध परिस्थितियों में जलकर मर गया था। पुलिस के अनुसार मुबिन एक इंजीनियरिंग ग्रेजुएट था। उससे 2019 में एनआईए के अधिकारियों ने आतंकी संपर्कों को लेकर पूछताछ की थी। उसका नाम इस धमाके के मुख्य आरोपियों में नामजद किया गया है।