तमिलनाडु के कोयंबटूर से एक दर्दनाक मामला सामने आया है जहां पेंटावेलेंट वैक्सीन लगाए जाने के दो घंटे बाद एक ढाई साल के बच्चे की दर्दनाक मौत हो गई। परिवार ने आरोप लगाते हुए कहा कि वैक्सीन लगाने के कुछ देर बाद ही बच्चा बीमार हो गया और दो घंटे के भीतर उसकी मौत हो गई। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने दावे को खारिज करते हुए कहा कि मौत किसी अन्य वजहों से हुई है।
अधिकारियों ने कहा कि यह वैक्सीन 13 अन्य बच्चों को भी दी गई लेकिन सभी की स्थिति सामान्य है और वे स्वस्थ हैं। उन्होंने कहा कि टीकाकरण के अन्य केंद्र पर भी इसी बैच की वैक्सीन लगाई गई है लेकिन सभी बच्चे स्वस्थ हैं।
वहीं बच्चे की मां ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाते हुए कहा है कि वह सुबह 10ः30 बजे अपने बच्चे को लेकर आंगनवाड़ी गई थी जहां एक नर्स द्वारा वैक्सीन दी गई जिसके बाद बच्चे को सांस लेने में काफी दिक्कत होने लगी और वह दूध पीने से भी इनकार कर दिया।
आनन-फानन में बच्चे को कोयंबटूर मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने कहा कि यह बच्चा पहले से ही मृत है। जांच करने के बाद पता चला कि बच्चे को करीब एक सप्ताह से ब्रोंकाइटिस थी। ब्रोंकाइटिस (Bronchitis) श्वासनली में होने वाली सूजन संबंधित बीमारी होती है।
क्या है पेंटावेलेंट वैक्सीन
यह वैक्सीन बच्चों को डिप्थीरिया, काली खांसी, टेटनस, हेपेटाइटिस बी और हिब जैसी पांच जानलेवा बीमारियों से रक्षा करती है।