संसद, विधानसभा और विधान परिषदों में सदन की कार्यवाही बाधित होने से रोकने के लिए सर्वसम्मत आचार संहिता तैयार की जाएगी। बुधवार को लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला की अध्यक्षता में देश के 30 राज्यों के पीठासीन अधिकारियों की बैठक में आचार संहिता बनाने के लिए स्पीकरों की समिति गठित करने का फैसला लिया गया।
देहरादून में 19 सितंबर को होने वाली पीठासीन अधिकारियों की बैठक में समिति रिपोर्ट पेश करेगी। बैठक में कार्यकुशलता बढ़ाने, डिजिटलीकरण, सत्रों की अवधि बढ़ाने जैसे कई अहम विषयों पर पर भी मंथन हुआ।
बैठक के बाद बिड़ला ने कहा कि संसद और विधानसभाएं लोकतंत्र के मंदिर हैं। इनमें बिना बाधा काम होना बेहद जरूरी है। इसीलिए सांसदों-विधायकों के लिए आचार संहिता बनाई जा रही है। समिति वेल में हंगामा करने, प्ले कार्ड लहराने और नारेबाजी जैसी प्रवृत्तियों पर रोक लगाने के लिए सुझाव भी देगी। देहरादून की बैठक में इस पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
यूपी करेगा राष्ट्रमंडल पीठासीन अधिकारियों की मेजबानी
स्पीकर ने बताया कि 2020 में राष्ट्रमंडल देशों के पीठासीन अधिकारियों का सम्मेलन होगा। इसकी मेजबानी उत्तर प्रदेश करेगा। इसके अलावा 10वीं राष्ट्रीय युवा संसद का सम्मेलन दिल्ली में होगा। इस दौरान यूपी विधानसभा के स्पीकर हृदय नारायण दीक्षित ने कहा कि राज्य इस सम्मेलन के लिए तैयार है।