फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

COAS: 'युद्ध हमेशा अप्रत्याशित होते हैं', आर्मी चीफ ने समझाया रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता क्यों है जरूरी

Tue, 09 Sep 2025 02:40 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सेना प्रमुख ने कहा कि 'अगर आपके पास कम लागत वाली उच्च तकनीक है, तो आप अपने से बेहतर प्रतिद्वंद्वी को भी परास्त कर पाएंगे। सुरक्षा एक नई चीज है क्योंकि आपको दुश्मन के हमले का सामना करने में सक्षम होना चाहिए।'
विज्ञापन
भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

थलसेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने मंगलवार को एक कार्यक्रम में युद्धों की अप्रत्याशित प्रकृति पर बात की और आधुनिक युद्ध और सैन्य तैयारियों के प्रमुख पहलुओं पर भी बात की। दिल्ली में अखिल भारतीय प्रबंधन संघ के 52वें राष्ट्रीय सम्मेलन में बोलते हुए जनरल द्विवेदी ने कहा, 'जब रूस युद्ध में गया, तो हमने हमेशा सोचा था कि यह युद्ध केवल 10 दिनों तक चलेगा। ईरान-इराक युद्ध लगभग 10 वर्षों तक चला। लेकिन जब ऑपरेशन सिंदूर की बात आई, तो हमें नहीं था कि यह कितने दिनों तक चलेगा, और हममें से अधिकांश लोग कह रहे थे, यह चार दिन के टेस्ट मैच में क्यों समाप्त हो गया? युद्ध हमेशा अप्रत्याशित होता है। हम किसी मुद्दे के मनोवैज्ञानिक प्रभाव के बारे में अंदाजा नहीं लगा सकते।'
विज्ञापन


'लंबे समय तक युद्ध के लिए पर्याप्त संसाधन होने जरूरी'
जनरल द्विवेदी ने युद्ध और सैन्य तैयारियों के तीन प्रमुख पहलुओं- बल दृश्यीकरण, बल सुरक्षा और बल प्रयोग पर भी बात की। उन्होंने कहा, 'जहां तक हमारा संबंध है, हम तीन पहलुओं पर विचार करते हैं - बल दृश्यीकरण, बल सुरक्षा और बल प्रयोग। हम देखते हैं कि रूस-यूक्रेन युद्ध में जो बल दृश्यीकरण किया गया था, वह शायद एक गलत अनुमान था। इसमें महत्वपूर्ण बात ये भी है कि हमें उस तकनीक को भी समझना होगा जो युद्ध को लंबे समय तक जारी रखने के लिए दूसरी तरफ मौजूद है। इसका मतलब यह है कि हमें ये पक्का करना होगा कि हमारे पास लंबे समय तक चलने वाले युद्ध के लिए पर्याप्त संसाधन हों।'

कम लागत और उच्च तकनीक वाले हथियार जरूरी
थलसेना प्रमुख ने आधुनिक युद्ध में डेविड और गोलियथ प्रणाली की प्रासंगिकता पर भी जोर दिया, जहां कम लागत और उच्च तकनीक क्षमताओं वाला एक देश कैसे एक श्रेष्ठ प्रतिद्वंद्वी पर भारी पड़ता है। सेना प्रमुख ने कहा कि 'अगर आपके पास कम लागत वाली उच्च तकनीक है, तो आप अपने से बेहतर प्रतिद्वंद्वी को भी परास्त कर पाएंगे। सुरक्षा एक नई चीज है क्योंकि आपको दुश्मन के हमले का सामना करने में सक्षम होना चाहिए, और उसके बाद आपको जवाबी कार्रवाई करने में भी सक्षम होना चाहिए। इसलिए मैं इन तीनों पर ध्यान केंद्रित करता हूं, यही मुख्य बात है जिस पर हमें काम करने की जरूरत है।' 
विज्ञापन


ये भी पढ़ें- Kulgam Encounter: पहलगाम हमले के बाद चिन्हित 14 स्थानीय आतंकियों में से एक और ढेर, रडार पर अब ये आतंकवादी
विज्ञापन


आत्मनिर्भरता क्यों है जरूरी
जनरल द्विवेदी ने कहा, 'लक्ष्य बदलते रहेंगे। अगर मैं चाहता हूं कि कोई चीज 100 किलोमीटर की दूरी से फायर करे, तो कल उसे 300 किलोमीटर तक जाना होगा। क्योंकि केवल मैं ही नहीं, बल्कि विरोधी भी अपनी तकनीक बढ़ा रहा है। जैसे-जैसे उसकी तकनीक आगे बढ़ रही है, मुझे यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि मेरा तकनीकी स्तर दुश्मन के तकनीकी स्तर को मात देने सक्षम हो, यहां, आत्मनिर्भरता महत्वपूर्ण हो जाती है।'

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें