Coal scam: जस्टिस विश्वनाथन ने कहा कि वह कॉमन कॉज (एनजीओ जिसने कोयला घोटाले के मामलों में जनहित याचिका दायर की थी) मामले में थे। यह मामला ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) का था, लेकिन फिर भी वह सुनवाई से अलग होना चाहते हैं।
सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस केवी विश्वनाथन ने कोयला घोटाला मामले की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया। उन्होंने कहा कि वह पहले एक वकील के रूप में इनमें से एक मामले में पेश हो चुके हैं, इसलिए वह सुनवाई में भाग नहीं लेंगे। इन याचिकाओं में अवैध कोयला ब्लॉक आवंटन से जुड़े आपराधिक मामलों में पारित ट्रायल कोर्ट के आदेशों के खिलाफ अपील पर सुनवाई से हाईकोर्ट को रोकने वाले सुप्रीम कोर्ट के फैसलों में संशोधन की मांग की गई है।
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भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव खन्ना, जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस विश्वनाथन की पीठ की सुनवाई शुरू होते ही जस्टिस विश्वनाथन ने कहा कि वह कॉमन कॉज (एनजीओ जिसने कोयला घोटाले के मामलों में जनहित याचिका दायर की थी) मामले में थे। यह मामला ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) का था, लेकिन फिर भी वह सुनवाई से अलग होना चाहते हैं। इसे बाद सीजेआई ने कहा कि अब 10 फरवरी से शुरू होने वाले हफ्ते में नई पीठ गठित की जाएगी।
शीर्ष अदालत ने 2014 और 2017 में दो आदेश पारित कर आरोपियों को हाईकोर्ट जाने से रोका था और निर्देश दिया था कि कोयला घोटाला मामलों में ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही के खिलाफ अपील सिर्फ शीर्ष अदालत में दायर की जा सकेगी। इन आदेशों के पीछे की मंशा विलंब को रोककर परीक्षण प्रक्रिया में तेजी लाना और हाईकोर्ट में राहत मांगने वाले अभियुक्तों की कार्यवाही को रोकना था।
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गुरुवार को सुनवाई के दौरान पीठ ने रजिस्ट्री को 2014 और 2017 के उन फैसलों से संबंधित सभी लंबित याचिकाओं का एक व्यापक संकलन तैयार करने को कहा, जिनमें हाईकोर्ट को अंतरिम अपीलों की सुनवाई करने से रोक दिया गया था।