सीएनजी पेट्रोल पंप (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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पेट्रोल पंपों पर लगने वाले सीएनजी स्टेशन अब तीसरे पक्ष के लिए किराये पर उपलब्ध नहीं होंगे। गैस नियामक पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस नियामकीय बोर्ड (पीएनजीआरबी) ने सोमवार को यह जानकारी दी। पीएनजीआरबी की ओर से जारी नियमन के अनुसार, इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) जैसी तेल विपणन कंपनियों को अपने उन पेट्रोल पंपों पर सीएनजी स्टेशन लगाने की इजाजत नहीं होगी, जिन्हें शहरी गैस के किसी लाइसेंस धारक को सीएनजी की आपूर्ति करने के लिए अलग रखा गया है।
पीएनजीआरबी ने अंतिम नियमनों में वैसे शहरी गैस वितरण नेटवर्क की खुली उपलब्धता के संबंध में प्रावधान स्पष्ट किए हैं, जिनकी विपणन की विशिष्ट अवधि पूरी हो चुकी है। नियामक ने एक अधिसूचना में कहा, न्यूनतम पांच साल की विशिष्ट अवधि समाप्त होने के बाद तीसरा पक्ष एक शुल्क देकर शहरों तथा जिला नियामकीय स्टेशनों तक गैस पहुंचाने वाली पाइपलाइन का इस्तेमाल कर सकेंगे। हालांकि सीएनजी संपीड़न व वाहन में गैस डालने से संबंधित उपकरणों व सुविधाओं को साझा नहीं किया जा सकेगा।
नियम के अनुसार, पीएनजीआरबी किसी विशेष क्षेत्र में घरों की रसोई घरों तथा औद्योगिक उपभोक्ताओं को पाइप से प्राकृतिक गैस (पीएनजी) तथा वाहनों के लिए सीएनजी की खुदरा आपूर्ति के लिए निकायों को लाइसेंस देता है। लाइसेंस प्राप्त करने वाले निकाय के पास एक तय अवधि के लिए उक्त क्षेत्र में परिचालन का विशेषाधिकार प्राप्त होता है। तय अवधि के बाद उक्त क्षेत्र में अन्य निकाय भी परिचालन कर सकते हैं। नियामक ने अधिसूचना में एक शहरी वितरण नेटवर्क के पाइपलाइन से गैस का परिवहन करने की दरें तय करने का तरीका भी बताया है। इसके अनुसार, तीसरा पक्ष किसी उद्योग या घरेलू उपभोक्ता को गैस बेचने के लिए पाइपलाइन का इस्तेमाल कर सकता है। वह गैस को अपने सीएनजी स्टेशन तक ले जाने के लिए भी इसका इस्तेमाल कर सकता है।