महाराष्ट्र में दो सीटों पर हो रहे उपचुनाव में पार्टी ने पूरी ताकत झोंक दी है। मुंबई से सटे पालघर लोकसभा उपचुनाव में शिवसेना को जवाब देने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मैदान में उतरेंगे। आगामी 23 मई को विरार में योगी उत्तर भारतीय मतदाताओं की एक बड़ी जनसभा को संबोधित करेंगे।
पालघर लोकसभा सीट जनजाति बाहुल्य है लेकिन इसमें एक चौथाई आबादी उत्तर भारतीयों की है जो किसी भी प्रत्याशी की जीत-हार के लिए अहम है। यह सीट भाजपा सांसद चिंतामन वनगा के निधन से रिक्त हुई है। शिवसेना ने नाटकीय तरीके से वनगा के बेटे श्रीनिवास वनगा को प्रत्याशी बनाया है, जबकि भाजपा ने कांग्रेस नेता व पूर्व राज्यमंत्री राजेंद्र गावित को भाजपा में शामिल कर उम्मीदवारी दी है। इसलिए यह उपचुनाव भाजपा के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बन गया है।
शिवसेना ने पहली बार लोकसभा चुनाव में अकेले दम पर अपना प्रत्याशी उतारा है। वहीं, उपचुनाव में पहली बार ऐसा हो रहा है कि भाजपा के प्रत्याशी के लिए किसी प्रदेश के मुख्यमंत्री को बुलाया जा रहा है। मुंबई भाजपा के महामंत्री और पालघर लोकसभा सीट के प्रभारी अमरजीत मिश्र ने बताया कि इस लोकसभा क्षेत्र में कुल 16 लाख मतदाता हैं, जिसमें करीब चार लाख मतदाता उत्तर भारतीय हैं। नालासोपारा, वसई और विरार मुख्यत: उत्तर भारतीय बहुल इलाका है। इसलिए इस इलाके में योगी आदित्यनाथ की जनसभा का कार्यक्रम तय किया गया है।
खास बात यह है कि उसी दिन शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे की भी नालासोपारा में जनसभा होगी। इससे एक ही इलाके में उद्धव और योगी आमने-सामने होंगे। इस सीट पर भाजपा, शिवसेना और हितेंद्र ठाकुर की पार्टी बहुजन विकास आघाड़ी के बीच मुख्य मुकाबला है जबकि कांग्रेस लड़ाई में पीछे है।