योगी सरकार का पहला बजट सत्र जुलाई में होगा। इसमें 86 लाख किसानों को फसली ऋण माफी का तोहफा मिलेगा। इसका एलान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को गोरखपुर में किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को कर्ज माफी का सर्टिफिकेट भी दिया जाएगा। इसके लिए जिला, तहसील और विकास खंड मुख्यालय पर विशेष शिविर लगाया जाएगा। सांसद, विधायक ही कर्ज माफी का सर्टिफिकेट बांटेंगे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को दो दिवसीय दौरे पर गोरखपुर पहुंचे। पहले गोरखपुर एयरपोर्ट के नए टर्मिनल का उद्घाटन किया, फिर कैंपियरगंज तहसील के गोपालगंज उर्फ हरनामपुर में डॉ. भीमराव अंबेडकर की मूर्ति का अनावरण किया और फिर सरकार के एजेंडे पर आ गए। हरनामपुर में ही जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी सरकार ने अपना वादा निभाया है। बजट सत्र में किसानों के फसली ऋण माफी पर अंतिम मुहर लगाई जाएगी।
यह सरकार गांव, गरीब, किसान और दलितों की है। मुख्यमंत्री ने बैंक प्रबंधन से किसानों को नोटिस न देने की बात भी दोहराई और कहा कि बजट सत्र के बाद सभी समस्याएं खत्म हो जाएंगी। मुख्यमंत्री ने नई औद्योगिक नीति की जानकारी भी दी। कहा कि नई औद्योगिक नीति पूर्वी उत्तर प्रदेश और बुंदेलखंड के विकास को ध्यान में रखकर बनाई गई है। इन क्षेत्रों में उद्योग लगाने वालों को स्टांप शुल्क और वैट से छूट दी जाएगी। कुछ मामलों में छूट शत-प्रतिशत होगी। इससे बड़ी संख्या में उद्योगों के लगने की संभावना है।
सरकार का एजेंडा युवाओं को रोजगार मुहैया कराना है। भाजपा सरकार जिला, तहसील और विकास स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने की कोशिश में है। ऐसा हुआ तो यूपी के युवाओं को नौकरी के लिए दिल्ली, हैदराबाद, चेन्नई और बंगलूरू नहीं जाना पड़ेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि गांव की जमीन पर अवैध कब्जे न होने दें, जहां जमीन खाली रहेगी, वहां उद्योग लगाए जाएंगे। आईटीआई, इंटर कॉलेज, डिग्री कॉलेज और व्यावसायिक शैक्षिक केंद्र खोले जाएंगे। इसका सीधा फायदा क्षेत्रीय लोगों को मिलेगा।