मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने स्पष्ट किया है कि मंत्रिमंडल विस्तार में देरी का कारण पांच राज्यों के चुनाव हैं। उन्होंने विकास के मुद्दे पर भाजपा को घेरा और चिक्कमगलुरु में पुल निर्माण को अपनी उपलब्धि बताया। साथ ही, उन्होंने पार्टी के भीतर किसी भी बड़े मतभेद से इनकार करते हुए उपचुनाव में जीत का भरोसा जताया है।
कर्नाटक की राजनीति में इन दिनों 'दिल्ली दौड़' और 'मंत्रिमंडल विस्तार' को लेकर जबरदस्त हलचल है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने अब राज्य की वर्तमान स्थिति और राजनीतिक अटकलों पर अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। मुख्यमंत्री ने उन विधायकों का बचाव किया जो मंत्री पद की आस में दिल्ली के चक्कर काट रहे हैं।
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कैबिनेट विस्तार में देरी की असली वजह
सीएम सिद्धारमैया ने कहा कि मंत्री पद के लिए इच्छुक उम्मीदवारों का नई दिल्ली जाना गलत नहीं है। कैबिनेट फेरबदल का काम फिलहाल लंबित है। सीएम ने आगे कहा कि पांच राज्यों में होने वाले चुनाव इसकी मुख्य वजह है। इन महत्वपूर्ण आयोजनों के कारण ही प्रशासनिक फेरबदल में थोड़ा समय लग रहा है।
कब से लंबित है मंत्रिमंडल विस्तार?
कर्नाटक में मई 2023 में कांग्रेस सरकार बनने के बाद से अब तक कोई बड़ा फेरबदल नहीं हुआ है। हालांकि समय-समय पर खाली पदों को भरने की चर्चा होती रही है, लेकिन पूर्ण रूप से मंत्रिमंडल विस्तार पिछले तीन साल से टला हुआ है। सूत्रों के मुताबिक, राज्य के करीब 30 विधायक लामबंद हो गए हैं। उनकी मांग है कि पुराने और अनुभवी चेहरों को मौका देने के लिए कम से कम 22 नए मंत्रियों को शामिल किया जाए। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया भी इसके पक्ष में दिख रहे हैं, लेकिन आलाकमान की व्यस्तता ने इसे अब तक लटका कर रखा है।
विकास कार्यों पर भाजपा की घेराबंदी
इतना ही नहीं, सीएम सिद्धारमैया ने कहा कि नरसिंहराजपुरा में पुल का निर्माण एक पुरानी मांग थी, जिसे भाजपा ने अपने कार्यकाल में पूरी तरह नजरअंदाज किया। उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल में न केवल इसकी नींव रखी गई, बल्कि इसका उद्घाटन भी हो रहा है।
पार्टी में ऑल इज वेल का संदेश
पार्टी के भीतर चल रही खींचतान की खबरों को खारिज करते हुए मुख्यमंत्री ने दो टूक जवाब दिए। सीएम ने स्पष्ट किया कि उनके राजनीतिक सचिव नसीर अहमद ने इस्तीफा नहीं दिया है। वहीं, दावणगेरे दक्षिण उपचुनाव को लेकर उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हार स्वीकार नहीं की है। उन्होंने सलीम अहमद के बयानों को केवल 'पार्टी विरोधी गतिविधियों' के खिलाफ एक चेतावनी बताया, न कि चुनाव में हार की आशंका। सीएम ने दावा किया कि कांग्रेस यह उपचुनाव हर हाल में जीतेगी।