तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने सोमवार को कहा कि वह चाहते हैं कि 2047 तक तेलंगाना देश की जीडीपी में 10 प्रतिशत का योगदान दे। तेलंगाना राइजिंग ग्लोबल समिट 2025 में बोलते हुए, उन्होंने कहा कि राज्य सरकार चीन के गुआंग-डोंग प्रांत के मॉडल को अपनाना चाहती है, जिसकी इकॉनमी चीन के किसी भी प्रांत से सबसे बड़ी है। तेलंगाना के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने समिट का उद्घाटन किया, जिसमें कर्नाटक के डिप्टी CM डी के शिवकुमार और कई जाने-माने लोग और कॉर्पोरेट लीडर शामिल हुए।
2047 तक तीन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना लक्ष्य
सीएम ने कहा कि उनकी सरकार का लक्ष्य 2034 तक तेलंगाना को एक ट्रिलियन डॉलर और 2047 तक तीन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना है। उन्होंने कहा, "हम भारत की आबादी का लगभग 2.9 प्रतिशत हैं, लेकिन देश की जीडीपी में लगभग पांच प्रत्शत का योगदान देते हैं। 2047 तक, मैं भारत की जीडीपी में 10 प्रतिशत का योगदान देना चाहता हूं।"
चीन के गुआंग-डोंग प्रांत के मॉडल पर बढ़ेंगे आगे
चीन के गुआंग-डोंग का उदाहरण देते हुए, उन्होंने कहा कि राज्य ने 20 से ज़्यादा वर्षों में दुनिया में सबसे ज़्यादा निवेश और बढ़त हासिल की है। उन्होंने कहा, "हम तेलंगाना में भी यही मॉडल अपनाना चाहते हैं।" अपने निर्माण के 10 साल बाद, तेलंगाना अब भारत का सबसे विकसित राज्य बनने की कोशिश कर रहा है। सीएम ने कहा कि राज्य सरकार की रणनीति तेलंगाना को भारत का पहला और इकलौता राज्य बनाना है जिसे सर्विसेज, मैन्युफैक्चरिंग, कृषि के लिए तीन जोन में बांटा गया हो।
केंद्रीय कोयला मंत्री किशन रेड्डी ने कहा कि केंद्र राज्य की तरक्की के लिए तेलंगाना सरकार के साथ काम करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, "आज, भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और तीसरा स्थान पाने के लिए तैयार है।
तेलंगाना के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने समिट का उद्घाटन किया, जिसमें कर्नाटक के डिप्टी CM डी के शिवकुमार और कई जाने-माने लोग और कॉर्पोरेट लीडर शामिल हुए।