रामनवमी जुलूस के बाद से कई क्षेत्रों में सांप्रदायिक हिंसा के बीच बिहार की सियासत में उथल-पुथल के संकेत हैं। भाजपा के केंद्रीय मंत्रियों की जुबानी जंग के बाद प्रदेश के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दो टूक कहा है कि वह सांप्रदायिकता और कानून-व्यवस्था के सवाल पर कोई भी कीमत चुकाने को तैयार हैं।
इस बीच भाजपा की सहयोगी रालोसपा प्रमुख और केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा ने एम्स में भर्ती लालू यादव से मुलाकात कर सियासी तापमान बढ़ा दिया है।
बिहार के कई इलाकों में जारी हिंसा के बीच जदयू के वरिष्ठ नेता श्याम रजक ने साफ शब्दों में कहा कि कानून-व्यवस्था और सांप्रदायिक सद्भाव पार्टी के शासन की पहचान रही है। हम इससे समझौता नहीं कर सकते। इसके लिए चाहे कितनी बड़ी कीमत ही क्यों न चुकानी पड़े।
गौरतलब है कि भागलपुर में सांप्रदायिक हिंसा के मामले में भाजपा के वरिष्ठ नेता अश्विनी चौबे के पुत्र आरोपी हैं। जबकि एक अन्य मंत्री गिरिराज सिंह पर भीड़ को उकसाने के आरोप हैं।
इन मामलों में जदयू नेताओं और इन केंद्रीय मंत्रियों के बीच कई बार कहा-सुनी हो चुकी है। बृहस्पतिवार को भाजपा के दो नेताओं के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज हुई है।
जदयू सूत्रों के मुताबिक हिंसा जारी रहने से पार्टी के कई विधायक नाराज हैं। पिछले हफ्ते विधायकों की बैठक में भी कुछ विधायकों ने खुल कर नीतीश से इस मामले में कड़ा संज्ञान लेने की मांग की थी।