केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद अपनी मां के श्राद्धकर्म में श्रद्धाजंलि देते हुए
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अरुणाचल प्रदेश की कड़वाहट के बाद भाजपा-जदयू के रिश्तों में जमी बर्फ अब पिघलने लगी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बृहस्पतिवार को केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद की मां के श्राद्ध कर्म में शामिल होने उनके घर पहुंचे।
इससे पहले 25 दिसंबर को जब प्रसाद की मां का निधन हुआ था तो नीतीश न तो उनके घर गए और न ही अंतिम संस्कार में शामिल हुए। माना गया कि अरुणाचल प्रदेश में जदयू विधायकों को भाजपा द्वारा तोड़े जाने से वह नाराज थे। आम तौर पर नीतीश अपने राजनीतिक सहयोगियों के परिवार में किसी की मौत के बाद निश्चित रूप से उसके घर जाते रहे हैं और अंतिम संस्कार में भी शामिल होते रहे हैं।
जल्द हो सकता है मंत्रिमंडल विस्तार
मंत्रिमंडल विस्तार के लिए भाजपा चाह रही थी कि जदयू नेता उसके पास प्रस्ताव लेकर आएं लेकिन ऐसा नहीं हुआ। जदयू की नाराजगी दूर करने के लिए भाजपा को ही उसके पास जाना पड़ा।
पहले भाजपा के दो बड़े नेताओं का जदयू कार्यालय जाना और फिर नीतीश का रविशंकर प्रसाद के घर जाना ये इशारा करता है कि भाजपा और जदयू के रिश्तों में गर्माहट आने लगी है और जल्द ही मंत्रिमंडल का विस्तार हो सकता है।